खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को कहा कि गेहूं की खुले बाजार में बिक्री की कोई जरूरत नहीं, क्योंकि आपूर्ति पर्याप्त है और कीमतें स्थिर हैं। उन्होंने कहा कि हमने काफी अच्छी मात्रा में खरीद की है। इसलिए बाजार में पर्याप्त आपूर्ति है।
गेहूं की उपलब्धता और कीमतों को लेकर केंद्र सरकार ने राहतभरी जानकारी दी है। खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने गुरुवार को कहा कि खुले बाजार हस्तेक्षप योजना के तहत सरकारी भंडार से गेहूं बेचने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि आपूर्ति पर्याप्त है और कीमतें स्थिर हैं।
चोपड़ा ने भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) की वैश्विक गोलमेज बैठक के अवसर पर कहा कि पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हमने काफी अच्छी मात्रा में खरीद की है। इसलिए बाजार में पर्याप्त आपूर्ति है। कीमतें पहले से ही स्थिर हैं। इसलिए गेहूं ओएमएसएस की कोई जरूरत नहीं है।
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ओएमएसएस के जरिए गेहूं की आपूर्ति और कीमतों को किया जाता है नियंत्रण
सरकार, खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के जरिए गेहूं की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करती है। इस योजना के तहत भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा केंद्रीय भंडार में मौजूद अतिरिक्त गेहूं को निर्धारित आरक्षित मूल्य पर सीधे बाजार में बेचा जाता है।
वित्त वर्ष 2025 में लगभग 3 मिलियन टन गेहूं बिका
भारत ने मार्च में समाप्त वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान ओएमएसएस के तहत लगभग 3 मिलियन टन गेहूं बेचा। वहीं 2023-24 में यह लगभग 10.1 मिलियन टन था। देश का गेहूं उत्पादन 2024-25 फसल वर्ष में रिकॉर्ड 117.5 मिलियन टन होने का अनुमान है।