भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के प्रमुख अशोक के. मीणा ने मंगलवार को कहा कि गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध तब तक जारी रहेगा जब तक भारत घरेलू आपूर्ति में सहज महसूस नहीं करता। उन्होंने कहा कि हाल की बारिश के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित नहीं होगा। मीणा ने कहा, 'हमें उत्पादन लक्ष्य प्राप्त करने का भरोसा है। एफसीआई चेयरमैन के अनुसार देश भर में गेहूं की खरीद शुरू हो गई है और मध्य प्रदेश में अब तक 10,727 टन गेहूं की खरीद हुई है।
एफसीआई के चेयरमैन ने कहा कि बेमौसम बारिश के कारण गेहूं का उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है। बारिश के बाद भी इस साल गेहूं का कुल उत्पादन रिकॉर्ड 11.2 करोड़ टन रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि ताजा गेहूं की फसल की सरकारी खरीद शुरू हो गई है। सोमवार को मध्य प्रदेश में लगभग 10,727 टन गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की गई है। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक देश भारत ने मई 2022 में बढ़ती घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने के उपायों के तहत गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।
मीणा ने कहा कि जहां तक आम आदमी की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार का संबंध है, गेहूं के निर्यात की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसलिए, जब तक देश आपूर्ति को लेकर सहज महसूस नहीं करता, तब तक गेहूं पर निर्यात प्रतिबंध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इस साल अनुमानित अधिक गेहूं उत्पादन भारतीय बाजार में सरकारी खरीद और सामान्य खपत दोनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
कृषि मंत्रालय के दूसरे अनुमान के अनुसार, सरकार ने फसल वर्ष 2023-24 (जुलाई-जून) में रिकॉर्ड 11 करोड़ 21.8 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है। मीणा ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने मौसम के उतार-चढ़ाव को देखते हुए रिकॉर्ड गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है।
गेहूं और गेहूं के आटे की बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए खुला बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के तहत बफर स्टॉक से गेहूं की बिक्री के बारे में मीणा ने कहा कि फिलहाल इसे रोक दिया गया है, क्योंकि कीमतें स्थिर हो गई हैं। बाजार में जिस मात्रा में गेहूं बेचा गया है उसके कारण (मंडी) कीमतें जनवरी के अंतिम सप्ताह में 30 रुपये प्रति किलोग्राम से घटकर अब 22-23 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई हैं।