2000 के नोट चलन से बाहर होंगे
- फोटो : amarujala.com
अगर आपके पास 50 हजार या 1 लाख रुपये के नोट हैं तो क्या करें?
बैंक शाखाओं में अन्य ग्राहकों को दिक्कत न हो, इसके लिए RBI ने कहा है कि एक बार में अधिकतम सिर्फ 20 हजार रुपये मूल्य के दो हजार के नोट ही बदलवा सकेंगे। यानी एक बार में सिर्फ 10 नोट एक्सचेंज होंगे।
कहीं बैंक से पैसे निकालने गए तो दो हजार के नोट तो नहीं मिलेंगे?
क्या बाजार में दिक्कत आ सकती है?
RBI के निर्देश से साफ है कि दो हजार रुपये के नोट लीगल टेंडर बने रहेंगे, लेकिन हो सकता है कि बाजार में इसके जरिए लेनदेन में दिक्कतें आए। ऐसे में आसान तरीका यही है कि आप बैंक जाकर ही नोट बदलवा लें।
सबसे बड़ा सवाल: 30 सितंबर के बाद क्या होगा?
दो हजार रुपये के नोट कब आए थे?
आरबीआई ने नवंबर 2016 में दो हजार रुपये के नोट जारी किए थे। इन्हें आरबीआई कानून 1934 की धारा 24(1) के तहत जारी किया गया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था ताकि उस समय चलन में मौजूद 500 और 1000 रुपये की जो करंसी नोटबंदी के तहत हटाई गई थी, उसके बाजार और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सके।
दो हजार रुपये के कितने नोट चलन में हैं?
RBI के मुताबिक, दो हजार रुपये के तकरीबन 89% नोट मार्च 2017 से पहले ही जारी हो गए थे। ये नोट चार-पांच साल तक अस्तित्व में रहने की उनकी सीमा पार कर चुके हैं या पार करने वाले हैं। 31 मार्च 2018 को 6.73 लाख करोड़ रुपये के नोट सर्कुलेशन में थे। यानी कुल नोटों में इनकी हिस्सेदारी 37.3% थी। 31 मार्च 2023 तो यह आंकड़ा घटकर 3.62 लाख करोड़ रुपये रह गया। यानी चलन में मौजूद कुल नोटों में दो हजार रुपये के नोटों की 10.8% हिस्सेदारी ही रह गई।
RBI के मुताबिक, यह फैसला लेने की बड़ी वजह क्या है?
नोटबंदी के बाद दो हजार रुपये के नोट लाए गए थे। जब दूसरे मूल्य के बैंक नोट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो गए, तब दो हजार रुपये को चलन में लाने का उद्देश्य भी पूरा हो गया। लिहाजा, 2018 में दो हजार रुपये के नोटों की छपाई भी बंद कर दी गई। RBI के मुताबिक, दो हजार रुपये के नोट आमतौर पर लेनदेन में बहुत ज्यादा इस्तेमाल में भी नहीं आ रहे। इसके अलावा, अन्य मूल्य के नोट भी आम जनता के लिए चलन में पर्याप्त रूप से मौजूद हैं। लिहाजा, आरबीआई की क्लीन नोट पॉलिसी के तहत यह फैसला लिया गया है कि दो हजार रुपये के नोटों को चलन से हटा लिया जाए।