को-वर्किंग क्षेत्र कीर दिग्गज कंपनी वीवर्क ने अमेरिका के न्यू जर्सी में चैप्टर 11 दिवालियापन के लिए आवेदन दिया है। यह अमेरिका के सबसे मूल्यवान स्टार्टअप में से एक बनने के लिए वीवर्क में एक जबरदस्त वृद्धि के बाद भारी पतन की कहानी है। दिवालियापन के लिए आवेदन देते समय कंपनी का मूल्यांकन पांच साल पहले के लगभग 47 अरब डॉलर के उच्चतम मूल्य की तुलना में गिरकर 45 अरब डॉलर रह गया है। कंपनी के सह-संस्थापक एडम न्यूमैन की नेतृत्व शैली की आलोचना और कोविड-19 महामारी के दौरान को-वर्किंग मॉडल को मिली चुनौतियों के बीच आईपीओ के बाद से कंपनी के शेयरों में 99 प्रतिशत तक की गिरावट आ चुकी है।
हालांकि वीवर्क का चाहे जो भी हस्र हुआ हो पर कंपनी पूर्व सीईओ और सह-संस्थापक एडम न्यूमैन की कहानी थोड़ी अलग रही है। कंपनी की परेशानियों के बावजूद न्यूमैन संपत्ति में बड़ा इजाफा हुआ है। एक विशेष उद्देश्य अधिग्रहण कंपनी (एसपीएसी) के माध्यम से आईपीओ प्रक्रिया के दौरान कंपनी का एक बड़ा हिस्सा अधिग्रहित किया गया था। इस दौरान न्यूमेन को अच्छी खासी आमदनी हुई थी।
कुल मिलाकर, न्यूमैन ने वीवर्क में प्रबंधन भूमिका से अलग रहने के बावजूद, 2021 में एसपीएसी प्रक्रिया से लगभग 770 मिलियन (77 करोड़) डॉलर की कमाई की। दिवालियापन फाइलिंग और 2019 के बाद से वीवर्क से अलग होने के बावजूद न्यूमैन का मानना है कि, सही रणनीति और टीम के साथ, वीवर्क को फिर से सफलतापूर्वक पुनर्गठित कर कामयाब बनाया जा सकता है।
उन्होंने एक बयान में कहा, "वीवर्क के सह-संस्थापक के रूप में मैंने लोगों की एक अद्भुत टीम के साथ व्यवसाय बनाने में एक दशक बिताया। ऐसे में कंपनी की प्रत्याशित दिवालियापन फाइलिंग निराशाजनक है। 2019 के बाद से मेरे लिए वीवर्क के बाहर रहते हुए इसका पतन देखना चुनौतीपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा है कि वीवर्क एक ऐसे उत्पाद का लाभ उठाने में विफल रहा है जो आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।
इस साल अगस्त में, वीवर्क के शेयर लगभग शून्य तक गिर गए। कंपनी ने व्यापार में बने रहने की अपनी क्षमता के बारे में संदेह व्यक्त किया क्योंकि यह बढ़ते घाटे से जूझ रही थी। सॉफ्टबैंक समर्थित कंपनी कॉरपोरेट प्रशासन से जुड़ी चुनौतियों का सामना कर रही थी। एडम न्यूमैन की नेतृत्व शैली की भी जांच की जा रही थी।
मई में कंपनी के सीईओ संदीप मथरानी और अगस्त 2023 में बोर्ड के तीन सदस्यों सहित कई हाई-प्रोफाइल कार्यकारी अधिकारियों के कंपनी से बाहर होने से इसकी मुश्किलें और बढ़ गईं। वीवर्क के एक प्रमुख निवेशक जापानी समूह सॉफ्टबैंक ने बचाव की कोशिश करते हुए पर्याप्त रकम का निवेश किया लेकिन कंपनी का वित्तीय संघर्ष जारी रहा।