पश्चिम बंगाल और केंद्र के बीच केंद्रीय पोषित योजनाओं के बकाए को लेकर चल रही तनातनी थमने के आसार दिख रहे हैं। बीते बुधवार को पीएम मोदी से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुलाकात की थी, जिसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि केंद्र जल्द ही बकाए पैसे देने पर फैसला दे सकता है
तमाम विरोध प्रदर्शन और मुलाकातों के बीच आखिरकार केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को कर हस्तांतरण की अतिरिक्त किस्त के रूप में 5,488.88 करोड़ रुपये जारी किए हैं। शुक्रवार को केंद्र ने कई सामाजिक कल्याण उपायों और बुनियादी ढांचे के विकास योजनाओं के वित्तपोषण के लिए कर हस्तांतरण के रूप में सभी राज्यों को 72,961.21 करोड़ रुपये वितरित किए थे। केंद्र ने कहा कि यह 10 जनवरी, 2024 को राज्यों को देय कर हस्तांतरण किस्त के अतिरिक्त आता है। केंद्र 14 वार्षिक किस्तों में कर हस्तांतरण निधि का वितरण करता है।
अन्य राज्यों का कितना हिस्सा
नवीनतम आवंटन में उत्तर प्रदेश को सबसे बड़ा हिस्सा 13,088.51 करोड़ रुपये मिला। इसके बाद बिहार (7,338 करोड़ रुपये), मध्य प्रदेश (5,727.44 करोड़ रुपये), पश्चिम बंगाल (5,488.88 करोड़ रुपये), महाराष्ट्र (4,608.96 करोड़ रुपये), राजस्थान (4,396.64 करोड़ रुपये) और ओडिशा (3,303.69 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।
लंबित बकाए में किस मद का कितना
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने बताया कि केंद्र द्वारा लंबित बकाए में लगभग 6911 करोड़ रुपये का मनरेगा भुगतान शामिल हैं। इसी तरह वेतन देनदारी का 3732 करोड़ रुपये और गैर-मजदूरी देनदारियों के 3179 करोड़ रुपये लंबित हैं। वहीं पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत 11,01,731 घरों के लिए भी केंद्रीय हिस्सेदारी जारी नहीं की गई है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत फंड भी नहीं जारी किया गया हैं।
बता दें कि केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार लंबित बकाए के मुद्दे पर रस्साकशी लंबे समय से जारी है। इस मुद्दे पर टीएमसी ने अक्तूबर में राजधानी दिल्ली में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी किया था। वहीं केंद्र ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र पोषित योजनाओं में राज्य सरकार भ्रष्टाचार कर रही है।