पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को खाद की आपूर्ति मजबूत करने, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करने और आगामी खरीफ सीजन के लिए पूरी तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में खाद की समान और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। मंत्री ने वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए फार्मर आईडी के काम में तेजी लाने को कहा। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्री और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक की जाएगी।
चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वैश्विक संकट का फायदा उठाकर खाद और बीज की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राज्यों को भी इस दिशा में कठोर कदम उठाने के लिए कहा गया है।
बैठक में एग्रो-केमिकल्स और बीज सुखाने में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक गैसों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए पैकेजिंग सामग्री की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया गया। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।
इससे पहले, चौहान ने लोकसभा में कहा था कि पिछले 10 वर्षों में देश का कृषि उत्पादन करीब 44 प्रतिशत बढ़ा है और कई किसानों की आय दोगुनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए व्यापक अभियान चला रही है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर रिकॉर्ड खरीद भी शामिल है।
पिछले दिनों संसद में पीएम मोदी किसानों को आश्वास्त किया था। किसानों को संसद से हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, बुवाई में उर्वरक-खाद की कमी नहीं होगी। सरकार हर परिस्थिति में साथ खड़ी है। उन्होंने राज्यसभा में अपने वक्तव्य के दौरान कहा, 'मैं किसानों को आश्वस्त करता हूं कि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। बुवाई के मौसम में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिल सकें, सरकार ये सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।'