ग्लोबल मैरीटाइम इंडियन समिट 2023 के तीसरे संस्करण के आयोजन के मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी सरकार ने मैरीटाइम क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने का एक सचेत प्रयास किया है। इनमें नीली अर्थव्यवस्था यानी भारत के लिए समुद्री चिंताएं, भारतीय ध्वज के साथ जहाजों को रखना, जनशक्ति को प्रशिक्षित करना आदि शामिल हैं। हमें उन्हें (युवाओं को) इस वैश्विक सागरमाला (परियोजना) का हिस्सा बनने के लिए हर संभव सर्वोत्तम प्रशिक्षण प्रदान करने की आवश्यकता है, जिसका भारत सरकार समर्थन करती है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीएम मोदी कहा है कि भारतीय-मध्य-पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा भारत का दृष्टिकोण है। हम समुद्री और भूमि मार्गों के माध्यम से यूरोप और पश्चिम एशियाई गणराज्यों तक पहुंचने पर विचार कर रहे हैं और इससे रसद लागत में कमी आएगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "विश्व बैंक की 2023 की लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रिपोर्ट कहती है कि भारतीय बंदरगाहों का टर्नअराउंड टाइम अब 0.9 दिन है जो सिंगापुर से बेहतर है जो 1 दिन है, यूएई का 1.1 दिन है, जर्मनी का 1.3 दिन है, अमेरिका का 1.5 दिन है। ऑस्ट्रेलिया के मामले में यह 1.7 दिन है, रूस का 1.8 दिन और दक्षिण अफ्रीका का 2.8 दिन है। विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में भारत की समग्र रैंक भी 2014 के 54 से बढ़कर 2023 में 38 हो गई है।