सबसे बड़ा 18,300 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने वाली ऑनलाइन भुगतान सेवा देने वाली कंपनी पेटीएम के निवेशकों के अच्छे दिन नहीं आ पा रहे हैं। शेयर बाजार में इसके शेयरों की लिस्टिंग के बाद से ये लगातार टूट रहे हैं। मंगलवार को पेटीएम के शेयर 840 रुपये के निचले स्तर तक आ गए और निवेशकों को भारी नुकसान कराया। इसके साथ ही कंपनी का बाजार पूंजीकरण 55 हजार करोड़ रुपये कम घट गया।
विजय शेखर शर्मा को भारी नुकसान
एक रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को पेटीएम के शेयरों में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और यह अपने ऑल टाइम लो 840.5 रुपये तक गिर गया। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा की कंपनी में स्टेक वैल्यू भी घटकर 1 अरब डॉलर से नीचे आ गई है। गौरतलब है कि लिस्टिंग के बाद से ही पेटीएम के शेयरों में गिरावट का सिलसिला जारी है जिसकी वजह से विजय शेखर के स्टेक की वैल्यू गिर गई है। पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस है। रिपोर्ट के अनुसार, नुकसान का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन महीनों में हर दिन विजय शेखर शर्मा को 128 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।
वॉरेन बफे को लगा तगड़ा झटका
पेटीएम के शेयरों ने न केवल भारतीय निवेशक, बल्कि इसमें निवेश करने वाले बड़े निवेशकों को भी तगड़ा झटका दिया है। वॉरेन बफेट के बर्कशायर हैथवे जैसे वैश्विक मार्की निवेशकों ने भी पेटीएम में बड़ा दांव लगाया था और इसके शेयरों की हालत देख उनका हाल-बेहाल है। पेटीएम के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस पर गौर करें तो वॉरने बफे की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने पेटीएम के शेयर 1,279.7 रुपये के भाव पर खरीदे थे। अब जब पेटीएम का शेयर भाव ऑल टाइम लो पर है तो ऐसे में ये करीब 35 फीसदी का नुकसान दर्शाता है। करीब 4 साल पहले बर्कशायर ने पेटीएम में 2,179 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इस बदले पेटीएम में 2.6 फीसदी हिस्सेदारी मिली थी।
18 नवंबर को हुई थी लिस्टिंग
बता दें कि 18 नवंबर 2021 को शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद पेटीएम के शेयर अब तक 63 फीसदी तक गिर चुके हैं। 2150 रुपये के इश्यू प्राइस के हिसाब से विजय शेखर शर्मा की स्टेक वैल्यू 2.58 अरब डॉलर थी। जो अब घटकर 99.80 करोड़ डॉलर रह गई है। इसके साथ ही पेटीएम का वैल्यूएशन कम होने से निवेशकों को करीब 85,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। बता दें कि पेटीएम आईपीओ एक नवंबर से तीन नवंबर के बीच खुला था और इसका प्राइस बैंड 2,080 रुपये से 2,150 रुपये तय किया गया था। इसका शेयर 9 फीसदी डिस्काउंट के साथ ओपन मार्केट में लिस्ट हुआ था।
जोमेटो के शेयर इश्यू प्राइज से नीचे
जोमैटो के शेयर खरीदने वाले निवेशकों को भी पेटीएम के निवेशकों की तरह ही झटके पर झटका लग रहा है। मंगलवार को जोमैटो के शेयर अपने इश्यू प्राइस से भी नीचे गिर गए। कारोबार के दौरान जोमैटो के शेयर बीएसई पर 75 के ऑल टाइम लो लेवल तक गिर गए। बता दें कि कंपनी का इश्यू प्राइस 76 रुपये का था। इस हिसाब से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, फूड डिलीवरी कंपनी कारोबार खत्म होने तक इसके शेयरों में थोड़ा सुधार देखने को जरूर मिला, लेकिन निवेशकों के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी।