सुधार के बावजूद इक्विटी बाजारों में हालिया अस्थिरता और सोने की रिकॉर्ड कीमतों के कारण निवेशक हाइब्रिड म्यूचुअल फंड की ओर आकर्षित हो रहे हैं। एम्फी के आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल में हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में निवेशकों ने 14,247 करोड़ का शुद्ध निवेश किया, जबकि मार्च में 946 करोड़ की शुद्ध निकासी हुई थी। बाजार विशेषज्ञ हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में वृद्धि का श्रेय बाजार की अनिश्चित स्थितियों को देते हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष बढ़ने के नए संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी टैरिफ को लेकर अस्पष्टता है। इस्राइल-ईरान तनाव पूरी दुनिया को चपेट में ले सकता है। ये कारक संभावित रूप से अस्थिरता का कारण बन सकते हैं, जो निवेशकों में मनोवैज्ञानिक भय पैदा करता है। इससे वे बाजार से बाहर निकल जाते हैं।
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हाइब्रिड फंड की स्कीमें देती हैं अच्छा फायदा
हाइब्रिड फंड के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो निवेशकों की दिलचस्पी का कारण स्पष्ट है। निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड इस चार्ट में सबसे आगे हैं। इसके बैलेंस्ड एडवांटेज फंड ने पिछले तीन वर्षों में 13.55 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि निप्पॉन इंडिया मल्टी एसेट एलोकेशन फंड ने इसी अवधि में 17.99 फीसदी रिटर्न दिया है। यह फंड सोने और चांदी जैसी कमोडिटी में भी निवेश करता है।
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बड़े सूचकांकों की तुलना में अच्छा प्रदर्शन
हाइब्रिड फंड व्यापक इंडेक्सों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं क्योंकि परिसंपत्तियों का मिश्रण होता है। हाइब्रिड फंड मूल्यांकन और अन्य बाजार संकेतकों के आधार पर इक्विटी और डेट एक्सपोजर को समायोजित करते हैं। यह गतिशील दृष्टिकोण नकारात्मक जोखिम को कम करने में मदद करता है। यही कारण है कि निवेशक हाइब्रिड फंड को प्राथमिकता देते हैं।
हाइब्रिड फंड अच्छा निवेश विकल्प है, क्योंकि यह सभी श्रेणियों के निवेशकों के लिए सभी स्थितियों के विकल्प के रूप में काम करता है। आज जिस तरह की स्थितियां हैं, वैसे में यह आगे चलकर और आकर्षण का केंद्र बन सकता है। -डीडी शर्मा, एमडी, एमएफ किंग