कंपनी ने एक नई याचिका दायर कर दूरसंचार विभाग को 3 फरवरी, 2020 को जारी कटौती सत्यापन दिशा-निर्देशों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि के लिए सभी एजीआर बकाया का व्यापक पुनर्मूल्यांकन और समाधान करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। कंपनी ने 8 सितंबर को दायर अपनी याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की है।
दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वोडाफोन आइडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि के लिए अतिरिक्त एजीआर बकाया मांगों को रद्द कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
कंपनी ने एक नई याचिका दायर कर दूरसंचार विभाग को 3 फरवरी, 2020 को जारी कटौती सत्यापन दिशा-निर्देशों के अनुसार वित्त वर्ष 2016-17 तक की अवधि के लिए सभी एजीआर बकाया का व्यापक पुनर्मूल्यांकन और समाधान करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। कंपनी ने 8 सितंबर को दायर अपनी याचिका पर शीघ्र सुनवाई की मांग की है। वहीं, दूरसंचार विभाग ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 2,774 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग उठाई है, जिसकी गणना को कंपनी ने चुनौती दी है।
शीर्ष अदालत ने इस साल की शुरुआत में भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को झटका देते हुए अपने 2021 के आदेश की समीक्षा करने से इन्कार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों की ओर से देय समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) बकाये की गणना में त्रुटियों को सुधारने की याचिकाओं को खारिज कर दिया था। शीर्ष कोर्ट ने सितंबर, 2020 में समायोजित सकल राजस्वसे संबंधित 93,520 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहे दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के लिए सरकार को उनकी बकाया राशि का भुगतान करने के लिए 10 साल की समय सीमा तय की थी।