वेदांता-फॉक्सकॉन गुजरात में देश की पहला सेमीकंडक्टर निर्माण यूनिट लगाने के लिए कमर कस चुकी है। इसके लिए गुजरात सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो चुका है। वहीं, इस घोषणा के बाद से दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के शेयरों की जबरदस्त खरीददारी हुई है। मंगलवार को हुए करार के बाद बुधवार और गुरुवार को वेदांता के शेयर इंट्रा डे में 320.90 रुपये के भाव पर पहुंच गए थे। हालांकि इसके बाद हल्की गिरावट के बाद बीएसई पर यह 314 रुपये के भाव के आसपास बंद हुआ।
गौरतलब है कि सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल कारों, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों में किया जाता है। फिलहाल भारत में इसका निर्माण नहीं किया जाता है। अब भारतीय समूह वेदांता और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर फॉक्सकॉन भारत में इसका निर्माण करेंगी। इसके लिए इन दोनों कंपनियों ने मंगलवार को गुजरात सरकार के साथ एक एमओयू पर साइन किए थे। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित थे। इस प्रोजेक्ट के तहत दोनों कंपनियां देश की पहला सेमीकंडक्टर निर्माण यूनिट में कुल 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी।
कुल 1,54,000 करोड़ रुपये के निवेश से 94,000 करोड़ रुपये डिस्प्ले विनिर्माण इकाई की स्थापना में खर्च होंगे, जबकि 60,000 करोड़ रुपये सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र के लिए निवेश किए जाएंगे। ये दो एमओयू एक साथ मिलकर 1.54 लाख करोड़ रूपये से अधिक का निवेश गुजरात में लाएंगे और राज्य में लगभग एक लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करेंगे। प्रस्तावित सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैब यूनिट 28nm टेक्नोलॉजी नोड्स पर वेफर साइज 300mm के साथ काम करेगी और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग यूनिट छोटे, मध्यम और बड़े ऐप्लीकेशन्स के लिए जनरेशन 8 डिस्प्ले का उत्पादन करेगी।
गुजरात में है इन्वेस्टर-फ्रैन्डली माहौल
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इस मौके पर कहा था कि गुजरात में इन्वेस्टर-फ्रैन्डली माहौल और मजबूत मैन्युफैक्चरिंग बेज का लंबा इतिहास रहा है। इसके अतिरिक्त पूंजी, ज़मीन, पानी और बिजली में उत्कृष्ट प्रोत्साहनों के साथ हाल ही में राज्य द्वारा घोषित की गई सेमीकंडक्टर पॉलिसी ने गुजरात को उनकी कंपनी के लिए एक बहुत ही आकर्षक विकल्प बना दिया है।