स्टार्टअप में निवेश अब एक नए तरह का बिजनेस ट्रेंड बनता जा रहा है। कारोबारियों व उद्योगपतियों के साथ अब वेतनभोगी भी इनमें निवेश करने लगे हैं। प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले चार सालों में अकेले उत्तर प्रदेश के निवेशकों ने करीब 800 करोड़ रुपये का निवेश अलग-अलग स्टार्टअप में किया है।
कानपुर, लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा के अलावा, प्रदेश के कई शहरों में पिछले चार सालों में ऐसे निवेशकों केे एक नए वर्ग का उदय हुआ है। ये ऐसे लोग हैं, जो अभी तक सिर्फ शेयर बाजार, संपत्ति, सोने-चांदी में ही पैसा लगाते थे।
प्रदेश में एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने वाले संस्थान टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी बताते हैं कि स्टार्टअप में निवेशकों को कमाई की अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। निवेशकों का नया ग्रुप स्टार्टअप में बढ़ती संभावनाओं को भांप चुका है।
यही कारण है कि अब लोग या तो सीधे स्टार्टअप कंपनियों में निवेश कर रहे हैं या फिर एंजल नेटवर्क, वेंचर कैटलिस्ट कंपनियों के जरिये अपना पैसा लगा रहे हैं। अमित बताते हैं कि स्टार्टअप में पैसा लगाने वालों को फायदा मिलने की उम्मीद 30 फीसदी ही होती है, मतलब पैसा डूबने की आशंका 70 फीसदी होती है।
लेकिन जिन्हें फायदा मिलता है, उन्हें उनकी निवेश रकम का 100 से 200 गुना अधिक फायदा मिलता है। फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, ओला, ओयो रूम्स जैसी बड़ी स्टार्टअप कंपनियां इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।