डिजिटल कारोबार से देश के जीडीपी में 11 वर्षों में 1.1 लाख करोड़ डॉलर वृद्धि होगी। अमेरिका-भारत रणनीतिक एवं भागीदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) और क्रॉसटावर ने सोमवार को रिपोर्ट में दावा किया कि इस दौरान होने वाली भारत की कुल आर्थिक वृद्धि में करीब 1.1 लाख करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी ऐसे डिजिटल संपत्ति कारोबार से हो सकती है, जिनका अभी ईजाद नहीं हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वेब 3.0 अपनाकर डिजिटल संपत्ति अवसरों का लाभ उठा सकता है। ब्लॉकचेन तकनीक वित्तीय पारिस्थितिकी को डिजिटल बनाने के लिए काफी है। वर्तमान में डिजिटल संपत्ति बाजार 3 लाख करोड़ डॉलर का है। यूएसआईएसपीएफ अध्यक्ष मुकेश अघी ने कहा कि 11 वर्षों में तमाम देशों में डिजिटल संपत्तियां बढ़ेंगी। इससे भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में मदद मिलेगी। एजेंसी
सही नीतियों की होगी जरूरत
क्रॉसटावर के सह-संस्थापक एवं सीईओ कपिल राठी ने कहा कि भारत वेब 3.0 के जरिये तकनीक रूप से दक्ष युवाओं की क्षमता का पूरा फायदा उठा सकता है। हालांकि, इसके लिए सही नीतियों एवं नियामकीय ढांचे की जरूरत होगी।
डिजिटल संपत्ति अपनाने की दर इंटरनेट से ज्यादा
रिपोर्ट में कहा गया है कि डिजिटल संपत्तियों की अपनाने की दर इंटरनेट के मुकाबले करीब दोगुनी ज्यादा है। इंटरनेट को करीब 10 करोड़ उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने में 7.5 साल का समय लगा, जबकि क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों ने चार साल में यह आंकड़ा हासिल कर लिया।