भारत और अमेरिका दुनिया को नैतिक नेतृत्व देने में सक्षम हैं। मंगलवार को मुंबई में यूएससी-इंडिया इनोवेशन समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दो महानतम लोकतंत्र होने के नाते दुनिया को दिखा सकते हैं कि नैतिक नेता होने का क्या मतलब होता है।
भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी का कहना है कि भारत अब कोई बैक ऑफिस नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में शानदार सफलताओं का दूसरा नाम है। गार्सेटी ने कहा कि भारत में अब सिर्फ जेनेरिक दवाएं ही नहीं बनाई जा रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मुकाम गढ़े जा रहे हैं। इसी तरह प्रौद्योगिकी हो या वित्त भारत हर क्षेत्र में सफलता के प्रतिमान गढ़ रहा है। कई मामलों में भारत नेतृत्व कर रहा है और अमेरिका के लिए भारत के इन तरीकों का अनुसरण करना अहम है।
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भारत और अमेरिका दुनिया को नैतिक नेतृत्व देने में सक्षम हैं। मंगलवार को मुंबई में यूएससी-इंडिया इनोवेशन समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दो महानतम लोकतंत्र होने के नाते दुनिया को दिखा सकते हैं कि नैतिक नेता होने का क्या मतलब होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के रिश्तों के लिहाज से 2023 सबसे अच्छा वर्ष रहा, निश्चित रूप से यह रिश्तों का कोई नया शिखर नहीं है, बल्कि एक मजबूत नींव है।
रिश्ते हो रहे प्रगाढ़
गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर कई क्षेत्रों में तरक्की कर रहे हैं। तकनीक, निवेश और संस्कृति ऐसे पुल हैं, जो दोनों देशों के लोगों के लिए आपसी संबंधों का जरिया हैं। लोगों से लोगों के यह संबंध दोनों देशों के लिए बेहद अहम हैं और लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। भारत और अमेरिका मिलकर दुनिया की सबसे अच्छी वैक्सीन बनाने के साथ ही सबसे अच्छी मूवीज बना सकते हैं और शिक्षा के आदान-प्रदान के जरिये हिंद-प्रशांत क्षेत्र का बेहतर भविष्य तय कर सकते हैं।