फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

USC-India Innovation Summit: भारत अब बैक ऑफिस नहीं, बल्कि हर क्षेत्र में कामयाबी का दूसरा नाम, बोले गार्सेटी

Wed, 17 Jan 2024 06:59 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

भारत और अमेरिका दुनिया को नैतिक नेतृत्व देने में सक्षम हैं। मंगलवार को मुंबई में यूएससी-इंडिया इनोवेशन समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दो महानतम लोकतंत्र होने के नाते दुनिया को दिखा सकते हैं कि नैतिक नेता होने का क्या मतलब होता है।
विज्ञापन
अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी का कहना है कि भारत अब कोई बैक ऑफिस नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में शानदार सफलताओं का दूसरा नाम है। गार्सेटी ने कहा कि भारत में अब सिर्फ जेनेरिक दवाएं ही नहीं बनाई जा रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नए मुकाम गढ़े जा रहे हैं। इसी तरह प्रौद्योगिकी हो या वित्त भारत हर क्षेत्र में सफलता के प्रतिमान गढ़ रहा है। कई मामलों में भारत नेतृत्व कर रहा है और अमेरिका के लिए भारत के इन तरीकों का अनुसरण करना अहम है।
विज्ञापन


भारत और अमेरिका दुनिया को नैतिक नेतृत्व देने में सक्षम हैं। मंगलवार को मुंबई में यूएससी-इंडिया इनोवेशन समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका दो महानतम लोकतंत्र होने के नाते दुनिया को दिखा सकते हैं कि नैतिक नेता होने का क्या मतलब होता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के रिश्तों के लिहाज से 2023 सबसे अच्छा वर्ष रहा, निश्चित रूप से यह रिश्तों का कोई नया शिखर नहीं है, बल्कि एक मजबूत नींव है।

रिश्ते हो रहे प्रगाढ़
गार्सेटी ने कहा कि भारत और अमेरिका मिलकर कई क्षेत्रों में तरक्की कर रहे हैं। तकनीक, निवेश और संस्कृति ऐसे पुल हैं, जो दोनों देशों के लोगों के लिए आपसी संबंधों का जरिया हैं। लोगों से लोगों के यह संबंध दोनों देशों के लिए बेहद अहम हैं और लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं। भारत और अमेरिका मिलकर दुनिया की सबसे अच्छी वैक्सीन बनाने के साथ ही सबसे अच्छी मूवीज बना सकते हैं और शिक्षा के आदान-प्रदान के जरिये हिंद-प्रशांत क्षेत्र का बेहतर भविष्य तय कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें