ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार को यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाले कई उत्पादों पर टैरिफ शुल्क 25 फीसदी तक बढ़ा दिया है। जिन वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाया गया है उससे करीब 750 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। इन उत्पादों में मुख्यतः एयरबस के विमान, फ्रांस की वाइन और स्कॉच व्हिस्की शामिल है।
शुक्रवार से ही लागू हुआ नियम
प्रशासन ने शुक्रवार से ही इस नियम को लागू कर दिया है। यूरोपीय यूनियन (ईयू) और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधियों के साथ बातचीत विफल होने के बाद यह शुल्क लगाया जाए। इससे पूरे विश्व में आर्थिक मंदी के और ज्यादा फैलने का खतरा बढ़ गया है।
इन पर बढ़ गया शुल्क
अब अमेरिका में यूरोप से आयात होने वाली कई वस्तुओं पर शुल्क बढ़ गया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और स्पेन के द्वारा बनाई गई एयरबस को आयात करने पर 10 फीसदी शुल्क लगेगा। इसके अलावा जर्मनी, स्पेन और फ्रांस से आयात होने वाली वाइन और स्कॉच व्हिस्की पर 25 फीसदी शुल्क लगने लगा है।
कईं नौकरियों पर खतरा
डब्ल्यूटीओ ने चेतावनी दी है कि व्यापार युद्ध के कारण जीवन स्तर गिर सकता है और कईं नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है। व्यापार युद्ध के कारण ट्रेड ग्रोथ काफी प्रभावित होगी। इसलिए यह युद्ध जल्द ही खत्म करना होगा। तभी स्थिति में सुधार आएगा।
कम हो सकती है व्यापार में वृद्धि
बता दें कि साल 2019 की पहली छमाही में दुनिया में वस्तुओं के व्यापार में सिर्फ 0.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह दर पिछले सालों की तुलना में काफी कम है। इसलिए संस्था ने चेतावनी दी है कि दुनिया में व्यापार में वृद्धि साल के अंत तक 0.5 फीसदी तक कम हो सकती है। मौजूदा समय में अगर वृद्धि दर 1.2 फीसदी पर बरकरार रहती है, तो इस दशक में यह सबसे कम वृद्धि दर होगी।
डब्ल्यूटीओ के डायरेक्टर जनरल ने दिया बयान
इस संदर्भ में डब्ल्यूटीओ के डायरेक्टर जनरल रॉबर्टो अजेवदो ने कहा है कि मौजूदा समय में बिजनेस हाउसेज निवेश को टाल रहे हैं। नौकरियों को लेकर भी अनिश्चितता जारी है। इन सब से विकास पर प्रभाव हो रहा है, जिससे जीवन स्तर में भी गिरावट आ रही है।