अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कनाडा में मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने कहा, अमेरिका और ब्रिटेन के बीच व्यापार समझौता पक्का हो चुका है।
अमेरिका और ब्रिटेन व्यापारिक मोर्चे पर करीब आ गए हैं। दोनों देशों ने कहा है कि उन्होंने व्यापार समझौते को पक्का कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को दोनों देशों के लिए 'उचित' बताया है। सोमवार को जारी एक बयान में दोनों देशों ने कहा, वे एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं जिससे दोनों देशों के सामानों पर टैरिफ में कटौती होगी।
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स्टील पर टैरिफ: अमेरिका और ब्रिटेन के बीच अभी भी बातचीत जारी
हालांकि, अमेरिका और ब्रिटेन के इस समझौते में स्टील पर टैरिफ शामिल नहीं है। इस्पात द्विपक्षीय व्यापार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में स्टील पर टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी बातचीत चल रही है। सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या स्टील टैरिफ को अस्थायी समझौते में तय योजना के अनुसार शून्य किया जाएगा या नहीं। बता दें कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल में कई देशों पर सख्ती दिखाते हुए पारस्परिक टैरिफ लगाने का एलान किया जिसके आधार पर अब अमेरिका अधिक शुल्क वसूल रहा है।
अमेरिकी उत्पादों के लिए ब्रिटिश बाजार अधिक सुलभ
गौरतलब है कि व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप और स्टारमर ने मई में ही घोषणा कर दी थी। दोनों नेताओं ने कहा था, ब्रिटेन और अमेरिका ने एक समझौता किया है जिसके तहत ब्रिटिश कारों, स्टील और एल्युमीनियम पर अमेरिकी आयात करों में कटौती की जाएगी। बदले में गोमांस और इथेनॉल सहित अमेरिकी उत्पादों के लिए ब्रिटिश बाजार अधिक सुलभ होंगे। हालांकि, यह यह तुरंत प्रभावी नहीं हुआ है। ऐसे में ब्रिटिश व्यवसायी अनिश्चितता से घिरे हैं। उनके मन में ये सवाल है कि क्या ब्रिटेन को ट्रंप की ओर से किसी आश्चर्यजनक बढ़ोतरी का सामना करना पड़ेगा।
समझौता 'कार्यान्वयन के अंतिम चरण में
ब्रिटिश व्यवसायियों के अलावा यूके की सरकार इस महीने की शुरुआत में चौंक गए थे। ट्रंप ने दुनिया भर के देशों पर धातुओं के टैरिफ को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर दिया था। बाद में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यूके के लिए टैरिफ 25 प्रतिशत ही रहेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री स्टारमर ने सोमवार को कहा, अब व्यापार समझौता 'कार्यान्वयन के अंतिम चरण में है। मुझे उम्मीद है कि यह बहुत जल्द पूरा हो जाएगा। अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष ट्रंप ने इस समझौते को लेकर कहा, इस समझौते के बाद 'बहुत सारी नौकरियों का सृजन' होगा। आय के अवसर भी पैदा होंगे।