अमेरिका के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने टैरिफ प्रकरण पर भारत के बारे में बड़ा दावा किया है। ग्राहम के अनुसार, भारतीय राजदूत विनय कुमार क्वात्रा ने उन्हें कहा है कि भारत रूस के साथ तेल की खरीद घटा रहा है, इसलिए वे टैरिफ घटाने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करें।
इसके बाद ग्राहम ने कहा, "एक महीने पहले मैं भारतीय राजदूत के घर पर था, मैं उनसे जानना चाहा था कि भारत रूस से तेल कैसे खरीद रहा है?" ग्राहम के अनुसार भारतीय राजदूत ने उन्हें कहा, "क्या आप राष्ट्रपति ट्रंप से टैरिफ पर ढील देने की बात करेंगे।" ग्राहम ने कहा कि ट्रंप की ओर से भारत पर की गई कार्रवाई ही वह मुख्य कारण है जिसके चलते भारत अब काफी कम मात्रा में रूसी तेल खरीद रहा है। गौरतलब है कि पिछले महीने विनय क्वात्रा ने ग्राहम और अन्य अमेरिकी सीनेटरों की 'इंडिया हाउस' में मेजबानी की थी, जहां ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर चर्चा हुई थी। हालांकि, ग्राहम के इन दावों पर भारतीय अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स कंपनी 'केपलर' के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात घट रहा है। दिसंबर में यह गिरकर लगभग 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) रहने की उम्मीद है, जो नवंबर में 1.84 मिलियन बीपीडी था। यह दिसंबर 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है।
ये भी पढ़ें: Russian Oil: भारत पर रूस तेल खरीद के कारण बढ़ रहा अमेरिकी दबाव, GTRI ने भारत की रणनीति के बारे में क्या कहा?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। यूक्रेन युद्ध से पहले 2021 तक भारत के आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी मात्र 0.2 प्रतिशत थी, जो पश्चिमी प्रतिबंधों और डिस्काउंट के चलते बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार, कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी अब एक तिहाई से घटकर एक चौथाई से भी कम रह गई है।