भारत में लोग डिजिटल लेनदेन के लिए यूपीआई (UPI) यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस का काफी इस्तेमाल करते हैं। तीन साल पहले लॉन्च हुए यूपीआई के जरिए अक्तूबर माह में एक अरब लेनदेन हुए हैं। वहीं पिछले महीने सितंबर में इसके जरिए 95.5 करोड़ लेनदेन हुए थे। इसके साथ ही यूपीआई सबसे तेजी से बढ़ने वाला सिस्टम बन गया है।
भारतीयों के लिए खुशखबरी
बता दें कि विदेश जाने वाले भारतीय अब जल्द ही कई देशों में यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकेंगे। इसके लिए नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने काम करना शुरू कर दिया है। अगले छह महीनों में प्रयोग के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर से इसकी शुरुआत की जाएगी। संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर में पहले ही रुपे कार्ड की शुरुआत हो चुकी है। अब यहां यूपीआई पर काम चल रहा है। डेबिट व क्रेडिट कार्ड की तरह ही, भारतीय संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर में यूपीआई से भी पेमेंट कर सकेंगे। अगर इसका प्रयोग भारतीय यात्री देश से बाहर भी करते हैं, तो भारत में इसे और भी लोग अपनाएंगे।
इस कमेटी ने दिया था सुझाव
भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) द्वारा डिजिटल पेमेंट पर नंदन निलेकणी की अध्यक्षता में बनाई गई कमेटी ने सुझाव दिया था कि एनपीसीआई को भारत के बाहर भी यूपीआई, रुपे कार्ड और भीम जैसे पेमेंट सिस्टम का विस्तार करना चाहिए। फेसबुक, गूगल और शाओमी जैसी ग्लोबल कंपनियों ने यूपीआई पेमेंट सिस्टम में प्रवेश किया है।
क्या है यूपीआई ?
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक अंतर बैंक फंड ट्रांसफर की सुविधा है, जिसके जरिए स्मार्टफोन पर फोन नंबर और वर्चुअल आईडी की मदद से पेमेंट की जा सकती है। यह इंटरनेट बैंक फंड ट्रांसफर के मकैनिज्म पर आधारित है।
पहले लॉन्च हुआ था रुपे कार्ड
इससे पहले अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई के बाजार में रुपे कार्ड की पेशकश की थी, संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया था जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया। भारत इससे पहले सिंगापुर और भुटान में रुपे कार्ड के चलने को शुरू कर चुका था।