ई-कॉमर्स मंचों ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) उद्योग का मुनाफा बढ़ाने, मार्केटिंग खर्च घटाने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद की है। केंद्रीय राज्यमंत्री भानुप्रताप सिंह वर्मा ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सम्मेलन में कहा कि एमएसएमई देश में विनिर्माण के विस्तार और रोजगार पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा, भारत को 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में एमएसएमई उद्योग पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। इसके साथ ही छोटे कारोबारों को अपना प्रबंधन कौशल सुधारने और तकनीक को स्मार्ट बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी में इस उद्योग को उबारने के लिए आपात कर्ज सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) शुरू की गई थी। इसकी मदद से कोरोना की कई लहरों का सामना करने के बाद अब यह उद्योग मजबूती से खड़ा है। योजना के तहत कुल 3.47 लाख करोड़ रुपये के कर्ज की गारंटी दी गई थी। इसमें से 2.31 लाख करोड़ रुपये एमएसएमई क्षेत्र को दिए गए थे।
आसान उधारी के लिए सरकार कर रही है काम
एमएसएमई मंत्रालय के सचिव बीबी स्वैन ने कहा कि सरकार एमएसएमई उद्योग को आसानी से कर्ज मुहैया कराने पर काम कर रही है। एमएसएमई दिन पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किफायती कर्ज तक पहुंच सभी के लिए एक चुनौती बनी हुई है। इसलिए इस समस्या का समाधान किए जाने की कोशिश की जा रही है।
आईसीआईसीआई लोंबार्ड 10 दिन में निपटाएगी दावा
आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस ने कहा है कि वह एमएसएमई ग्राहकों का 5 लाख रुपये तक का दावा 10 दिन में निपटाएगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और अन्य आंकड़ों के विश्लेषण की मदद से यह काम पूरा होगा। एक बयान में कंपनी ने कहा कि इसमें संपत्तियों और मरीन दावों को शामिल किया जाएगा।