वर्ल्डलाइन की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट, प्रीपेड कार्ड और यूपीआई पी2एम (पर्सन टु मर्चेंट) जैसे विभिन्न भुगतान माध्यमों के जरिये 10.25 लाख करोड़ रुपये के कुल 9.36 अरब लेनदेन हुए।
देश में 2022 के शुरुआती तीन महीने (जनवरी-मार्च) में यूपीआई के जरिये 26.19 लाख करोड़ रुपये के कुल 14.55 अरब से ज्यादा लेनदेन हुए। मात्रा के लिहाज से लेनदेन का यह आंकड़ा 2021 की समान अवधि से करीब 99 फीसदी और मूल्य के हिसाब से 90 फीसदी से ज्यादा है।
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वर्ल्डलाइन की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में डेबिट-क्रेडिट कार्ड, मोबाइल वॉलेट, प्रीपेड कार्ड और यूपीआई पी2एम (पर्सन टु मर्चेंट) जैसे विभिन्न भुगतान माध्यमों के जरिये 10.25 लाख करोड़ रुपये के कुल 9.36 अरब लेनदेन हुए। इसमें यूपीआई पी2एम (पर्सन टु मर्चेंट) लेनदेन उपभोक्ताओं के बीच सबसे पसंदीदा भुगतान माध्यम के रूप में उभरा है। इसकी बाजार हिस्सेदारी मात्रा के हिसाब से 64 फीसदी और मूल्य के लिहाज से 50 फीसदी है।
इन बैंकों से सर्वाधिक भुगतान
एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक।
इन बैंकों को सबसे ज्यादा भुगतान
पेटीएम पेमेंट्स बैंक, एसबीआई, यस बैंक, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक।
क्रेडिट कार्ड की संख्या बढ़ी
जनवरी-मार्च में क्रेडिट और डेबिट कार्ड की संख्या बढ़कर 99.12 करोड़ पहुंच गई। इस दौरान क्रेडिट कार्ड की संख्या 19% बढ़कर 7.36 करोड़ पहुंच गई। डेबिट कार्ड की संख्या 89.8 करोड़ से सिर्फ दो फीसदी बढ़कर 91.76 करोड़ पहुंच गई। इस दौरान 2.3 करोड़ डेबिट कार्ड बंद किए गए।
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इन एप का सर्वाधिक इस्तेमाल
यूपीआई के जरिये लेनदेन के लिए मात्रा के हिसाब से फोनपे, गूगलपे, पेटीएम पेमेंट्स बैंक, अमेजन पे, एक्सिस बैंक के एप का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ।
मात्रा के लिहाज से फोनपे, गूगल पे, पेटीएम की हिस्सेदारी 94.8 फीसदी रही, जबकि मूल्य के हिसाब से तीनों एप का हिस्सा 93% रहा।
रिपोर्ट की अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
क्रेडिट कार्ड से तीन महीने में 8.77 लाख करोड़ रुपये के 2.02 अरब लेनदेन हुए।
डेबिट कार्ड के जरिये 1.81 लाख करोड़ रुपये के 94.27 करोड़ लेनदेन हुए।
आधार आधारित भुगतान सेवा के जरिये 840.23 अरब रुपये का भुगतान हुआ, जो सालाना आधार पर 33% ज्यादा है।
मार्च, 2022 तक कुल 60.7 लाख पीओएस मशीन चालू थे।
देश का ई-कॉमर्स बाजार 46.2 अरब डॉलर का है, जिसका आकार 2025 में बढ़कर 188 अरब डॉलर हो जाएगा।
एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, आरबीएल बैंक ने सबसे ज्यादा क्रेडिट कार्ड जारी किए।
एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और पीएनबी से सर्वाधिक डेबिट कार्ड जारी किए।