सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के तीसरे चरण को मंजूरी दे दी है, इसमें डिजिटल प्रौद्योगिकी और उद्योग-4.0 यानि कि डिजिटल विनिर्माण पर ज्यादा फोकस किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने इसकी जानकारी दी।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री ने उद्योग और वाणिज्य संगठन एसोचैम की ओर से आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा कि पीएमकेवीवाई के कार्यान्वयन का दूसरा चरण जल्द ही पूरा होने वाला है। इस योजना के तीसरे चरण को केंद्र की मंजूरी मिल गई है।
उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि आपको यह जानकर खुशी होगी कि पीएमकेवीवाई का दूसरा चरण समाप्त हो रहा है और सरकार ने इस योजना के भाग तीन को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 2015 में पीएमकेवीवाई योजना शुरू की थी। इसके बाद 2020 तक एक करोड़ लोगों को कौशल प्रदान करने के लक्ष्य के साथ 2016 में इसे नया स्वरूप दिया गया था।
नये स्वरूप के साथ सामने आई योजना को पीएमकेवीवाई 2.0 कहा गया था। महेंद्र पांडेय ने मंत्रालय की भावी योजनाओं को साझा करते हुए कहा कि हम कौशल प्रबंधन सूचना प्रणाली पर भी काम कर रहे हैं, जो पूरी कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को एक संयुक्त वेब पोर्टल पर लाएगा और कुशल कार्यबल की मांग और आपूर्ति के लिये एक एग्रीगेटर के रूप में काम करेगा।
मंत्री ने वर्तमान परिदृश्य में रोजगार पर ध्यान केंद्रित करने और जिला कौशल समितियों को मजबूत करने की जरूरत पर भी प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि सरकार ने प्रशिक्षुता को और सरल बनाने की योजना बनायी है ताकि उद्योग प्रशिक्षुओं को अवसर देने में संकोच ना करें और वे उत्साह से काम करें।
केंद्रीय मंत्री महेंद्र पांडेय ने कहा कि पड़ोसी देश ने विस्तारवादी नीति को अपनाया है लेकिन इस बार वह सम रहा है कि उसे एक कठिन प्रतियोगी का सामना करना पड़ रहा है। हमारा पड़ोसी देश यह महसूस कर रहा है कि इस समय उसकी प्रतियोगिता कितनी कठिन है। पूरे देश ने सभी मोर्चों पर एकजुट होकर काम किया है।
बता दें कि पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हाल ही में चीन की सेना के साथ हुई एक झड़प में एक कर्नल समेत भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गये। इस घटना के बाद देश भर में चीन के सामानों का बहिष्कार करने की मांग जोर पकड़ रही है और कल ही मोदी सरकार ने चीन की 59 एप्स को भारत में बैन कर दिया है।