नए नियमों के तहत, व्यापारी और थोक व्यापारी 3,000 टन तक गेहूं का भंडार रख सकते हैं। खुदरा और बड़ी शृंखला विक्रेता प्रत्येक खुदरा बिक्री केंद्र पर 10 टन का भंडार रख सकते हैं। प्रसंस्करणकर्ताओं को मासिक क्षमता का 70 फीसदी स्टॉक करने की अनुमति है।
सरकार ने जमाखोरी और सट्टेबाजी रोकने के साथ खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापारियों, थोक-खुदरा विक्रेताओं और बड़ी खुदरा शृंखला के विक्रेताओं के लिए गेहूं की भंडारण सीमा को अगले साल मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है।
एक सरकारी बयान में कहा गया है, 27 मई को जारी निर्दिष्ट खाद्य पदार्थों (संशोधन) आदेश-2025 के तहत लाइसेंस जरूरतों, भंडारण सीमा और परिवहन प्रतिबंधों को हटाने का निर्देश 31 मार्च, 2026 तक लागू रहेगा। नए नियमों के तहत, व्यापारी और थोक व्यापारी 3,000 टन तक गेहूं का भंडार रख सकते हैं। खुदरा और बड़ी शृंखला विक्रेता प्रत्येक खुदरा बिक्री केंद्र पर 10 टन का भंडार रख सकते हैं।
हर शुक्रवार पोर्टल पर अपडेट करनी होगी स्थिति
प्रसंस्करणकर्ताओं को मासिक क्षमता का 70 फीसदी स्टॉक करने की अनुमति है। सभी इकाइयों को हर शुक्रवार को गेहूं स्टॉक पोर्टल पर अपने भंडार की स्थिति की घोषणा करनी होगी। ऐसा नहीं करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।