आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने 3.10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। बजट में महिलाओं के संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में भी छूट का प्रस्ताव है। महिला और बाल विकास मद में कुल 26,092.19 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
10 साल में महिला कल्याण के लिए 218% की बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वेक्षण 2023-2024 के अनुसार, वित्त वर्ष 2014 से वित्त वर्ष 2024-25 तक महिला कल्याण के लिए बजट आवंटन में 218.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये बजट 3.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
नारी सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता के लिए इस बार महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
कामकाजी माताओं की सहायता के लिए बनेंगे क्रेच
कामकाजी माताओं पर इस बजट में खासतौर पर ध्यान दिया गया है। उद्योगों के साथ साझेदारी में कामकाजी माताओं की सहायता के लिए क्रेच की स्थापना का प्रावधान है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए कार्यस्थल और घर के बीच संतुलन को बढ़ाना है। इससेे देश के विकास में महिलाएं अधिक योगदान कर सकेंगी।