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Budget: आर्थिक विकास में भागीदार होंगी महिलाएं; नारी अदालत, महिला पुलिस स्वयंसेवक-हेल्पलाइन के लिए आवंटन बढ़ा

Wed, 24 Jul 2024 06:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

कामकाजी माताओं पर इस बजट में खासतौर पर ध्यान दिया गया है। उद्योगों के साथ साझेदारी में कामकाजी माताओं की सहायता के लिए क्रेच की स्थापना का प्रावधान है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए कार्यस्थल और घर के बीच संतुलन को बढ़ाना है। इससेे देश के विकास में महिलाएं अधिक योगदान कर सकेंगी।
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बजट 2024 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका सुनिश्चित करने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने 3.10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। बजट में महिलाओं के संपत्ति खरीदने पर स्टाम्प शुल्क में भी छूट का प्रस्ताव है। महिला और बाल विकास मद में कुल 26,092.19 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

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कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास, बच्चों में पोषण को बढ़ावा देने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण मद में 21,200 करोड़ का प्रावधान किया गया है। जबकि पिछली बार इस मद में 21,523.13 करोड़ का प्रावधान था। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल आयोग के लिए अलग से धन का आवंटन किया गया है। महिला सशक्तीकरण के मद में सरकार ने 629 करोड़ का प्रावधान किया है। इसमें सबला योजना के तहत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, नारी अदालत, महिला पुलिस स्वयंसेवक और महिला हेल्प लाइन शामिल है। सामर्थ्य योजना के तहत जिसमें, शक्ति सदन, उज्ज्वला, विधवा गृह, सखी निवास (महिला छात्रावास) क्रेच और प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के लिए 3145.97 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछली बार यह धनराशि 2325.85 करोड़ थी। महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए 1226.29 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
देश के कार्यबल में महिलाएं बढ़चढ़ कर शामिल हो रही हैं। इस वर्ष मई तक करीब 2.40 लाख महिलाएं विभिन्न सेक्टरों में कार्यबल के रूप में शामिल हुईं। यह पिछले साल की इसी अवधि में 12 फीसदी से ज्यादा है।  जनवरी से मार्च 2024 के बीच कार्यबल भागीदारी दर बढ़कर 50.2% हो गई, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 48.5% थी। शहरी इलाकों में भी मार्च तिमाही में बढ़कर 23.4% हो गया है, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 20.6 प्रतिशत था।
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महिला बाल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली प्रमुख योजनाओं जैसे सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और मिशन शक्ति को पोषण, बाल संरक्षण और महिला सशक्तीकरण में सुधार के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई है।

  • 21,200 करोड़ का प्रावधान पोषण को बढ़ावा देने के लिए सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण मद में  

10 साल में महिला कल्याण के लिए 218% की बढ़ोतरी
आर्थिक सर्वेक्षण 2023-2024 के अनुसार, वित्त वर्ष 2014 से वित्त वर्ष 2024-25 तक महिला कल्याण के लिए बजट आवंटन में 218.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये बजट 3.10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
नारी सशक्तीकरण की प्रतिबद्धता के लिए इस बार महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।

कामकाजी माताओं की सहायता के लिए बनेंगे क्रेच
कामकाजी माताओं पर इस बजट में खासतौर पर ध्यान दिया गया है। उद्योगों के साथ साझेदारी में कामकाजी माताओं की सहायता के लिए क्रेच की स्थापना का प्रावधान है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के लिए कार्यस्थल और घर के बीच संतुलन को बढ़ाना है। इससेे देश के विकास में महिलाएं अधिक योगदान कर सकेंगी।

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