इनके प्रवेश पर लगती है रोक
वित्त मंत्रालय में मीडिया और अन्य बाहरी मेहमानों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। इसके साथ ही पूरे मंत्रालय में कर्मचारी निजी ई-मेल का प्रयोग कार्यालय के सिस्टम पर नहीं कर सकते। वहीं प्रवेश और निकास द्वार पर सीआईएसएफ के अलावा दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी तैनात रहते हैं। यह लोग उन लोगों पर नजर रखेंगे, जो बजट बनाने वाले अधिकारियों से मिलने जाएंगे। केवल उन्हीं लोगों को मंत्रालय में प्रवेश मिलेगा, जिनको मंत्रालय में कोई जरूरी कार्य है।
10 दिन कटे रहते हैं अधिकरी, कर्मचारी
प्रति वर्ष बजट पेश होने के 10 दिन पहले से वित्त मंत्रालय के बेसमेंट में स्थित प्रिंटिंग प्रेस में पूरे बजट की छपाई होती थी। बजट छपाई एक तरह से पूर्णतया गोपनीय काम होता है। बजट छपाई की प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी 10 दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटे रहते है। इन 100 अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की भी इजाजत नहीं होती है। वित्त मंत्री के बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को ही घर जाने की इजाजत होती है। अगर किसी विजिटर का आना बहुत जरूरी है तो उन्हें सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में अंदर भेजा जाता है। साथ ही मोबाइल नेटवर्क भी काम नहीं करता है। केवल लैंडलाइन फोन के जरिए ही बातचीत हो पाती है।
हलवा सेरेमनी का होता है आयोजन
इससे जुड़ी जाटिल प्रक्रिया को हल्का-फुल्का करने के लिए हलवा सेरेमनी का आयोजन होता है। छपाई शुरू होने से पहले वित्त मंत्रालय में हलवा सेरेमनी होती है। इसमें वित्त मंत्री सबसे पहले हलवा ग्रहण करती हैं।
डॉक्टरों की टीम रहती है तैनात
वित्त मंत्रालय में 10 दिन के लिए डॉक्टरों की एक टीम भी तैनात रहती है। ऐसा इसलिए ताकि किसी भी कर्मचारी के बीमार पड़ने पर उसे वहीं पर मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बीमार कर्मचारी को भी 10 दिनों के लिए अस्पताल में इलाज कराने की मनाही होती है।