वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक बार फिर से बहीखाता लेकर के बजट पेश करने को निकली हैं। पिछली बार पांच जुलाई को भी वित्त मंत्री ने ब्रीफकेस की जगह बहीखाता का इस्तेमाल किया था। वित्त मंत्रालय ने सबसे पहले राष्ट्रपति भवन पहुंचीं वित्त मंत्री 11 बजे संसद में बजट को पेश करेंगी।
इस संदर्भ में सीतारमण ने कहा था कि, 'सूटकेस, ब्रीफकेस मुझे पसंद नहीं आता। यह अंग्रेजों के जमाने से चला आ रहा है। हमें यह पसंद नहीं। फिर मेरी मामी ने मुझे लाल कपड़े का बस्ता बनाकर दिया। उन्होंने पूजा-अर्चना करने के बाद मुझे यह लाल बस्ता दिया। यह घर का थैला नहीं लगे इसलिए सरकारी पहचान देने के लिए उस पर अशोक स्तंभ का चिन्ह लगाया गया।'
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में हर क्षेत्र में अपनी परंपराएं हैं। दिवाली पर लक्ष्मी पूजन हो या घर, दुकान के नये बहीखातों की शुरुआत का मौका, उसका लाल कवर होता है, लाल कपड़े में लपेटा जाता है और उस पर कुमकुम, हल्दी, चंदन लगाकर अथवा शुभ लाभ लिखकर शुरुआत की जाती है। 'मैं यही सोचकर लाल कवर लेकर आई और उसमें बजट लेकर जाने की बात कही। लेकिन मुझे घर में कहा गया कि ऐसा करने पर दस्तावेज संसद ले जाते समय गिर सकते हैं तब मामी ने लाल कपड़े का यह बस्ता बनाकर दिया । उन्होंने उसे खुद अपने हाथों से सिला।' इसके बाद उन्होंने कहा कि उनके बस्ते को जनता ने बहीखाता का नाम दिया ।