वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी। बजट में कई ऐसे शब्द और आर्थिक अवधारणाएं होती हैं, जिन्हें हम अक्सर सुनते तो हैं, लेकिन उनका सही अर्थ और महत्व पूरी तरह समझ नहीं पाते। ऐसे में जरूरी है कि बजट से जुड़े इन महत्वपूर्ण शब्दों को सरल और आसान भाषा में समझा जाए। आइए, बजट में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख शब्दों और उनके अर्थ को आसान तरीके से जानते हैं।
क्या है बजट? (What is Budget)
बजट को समझना आम लोगों के साथ-साथ शिक्षित वर्ग के लिए भी आसान नहीं होता। बजट शब्द फ्रेंच भाषा के शब्द 'Bougette' से निकला है, जिसका अर्थ होता है छोटा बैग। यह शब्द लैटिन भाषा के 'Bulga' से लिया गया है, जिसका मतलब है चमड़े का थैला। पुराने समय में व्यापारी अपने वित्तीय दस्तावेज थैले में रखते थे। धीरे-धीरे यह शब्द आर्थिक हिसाब-किताब से जुड़ गया और सरकार के सालाना आय-व्यय के दस्तावेज को 'बजट' कहा जाने लगा। ब्रिटेन में वित्त मंत्री संसद में आय-व्यय का विवरण चमड़े के लाल बैग में लेकर आते थे, जिससे 'बजट' शब्द प्रचलन में आया।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit)
सरकार की कुल आमदनी और कुल खर्च के बीच जो अंतर होता है, उसे राजकोषीय घाटा कहा जाता है। यह बताता है कि सरकार को अपने खर्च पूरे करने के लिए कितना कर्ज लेना पड़ेगा। कुल राजस्व की गणना में उधार को शामिल नहीं किया जाता, इसलिए सरकार की आय और खर्च के अंतर को बजटीय या वित्तीय घाटा भी कहा जाता है।
चालू खाता घाटा (Current Account Deficit)
जब किसी देश का आयात उसकी निर्यात से अधिक हो जाता है, तो चालू खाता घाटा की स्थिति बनती है। निर्यात से देश को भुगतान प्राप्त होता है, जबकि आयात के लिए विदेशी मुद्रा चुकानी पड़ती है। इस तरह देश को मिलने वाले भुगतान और बाहर जाने वाली राशि के बीच का अंतर चालू खाता घाटा कहलाता है।
सरकारी राजस्व और व्यय (Government Revenue and Expenditure)
सरकार को विभिन्न स्रोतों से होने वाली आय को सरकारी राजस्व कहा जाता है। वहीं सरकार जिन मदों में खर्च करती है, उसे सरकारी व्यय कहते हैं। राजस्व और व्यय सरकार की आर्थिक नीति और वित्तीय स्थिति को दर्शाते हैं।
बजट आकलन (Budget Estimation)
वित्त मंत्री बजट पेश करते समय करों और अन्य स्रोतों से होने वाली अनुमानित आय, योजनाओं और अन्य कार्यों पर होने वाले संभावित खर्च का विवरण प्रस्तुत करती हैं। इस अनुमानित आय और व्यय को बजट आकलन कहा जाता है।
वित्त विधेयक (Finance Bill)
वित्त विधेयक के माध्यम से सरकार नए कर लगाने या मौजूदा करों में बदलाव का प्रस्ताव करती है। संसद की मंजूरी के बाद ही इन प्रस्तावों को लागू किया जाता है।
राजस्व सरप्लस (Revenue Surplus)
अगर सरकार की राजस्व आय, राजस्व खर्च से अधिक हो जाती है, तो उस अंतर को राजस्व सरप्लस कहा जाता है।
विनियोग विधेयक (Appropriation Bill)
जब सरकार को संचित निधि से धन निकालने की आवश्यकता होती है, तो वह संसद से अनुमति मांगती है। इस प्रक्रिया को विनियोग विधेयक कहा जाता है। एक तरह से वित्त मंत्री इस विधेयक के माध्यम से संसद से संचित निधि से धन निकालने की अनुमति मांगते हैं।
पूंजी बजट (Capital Budgeting)
पूंजी बजट में सरकार की पूंजीगत आय और व्यय का विवरण शामिल होता है। इसमें कर्ज, बॉन्ड बिक्री, राज्यों से वसूली और अन्य पूंजीगत स्रोतों से प्राप्त धन का लेखा-जोखा शामिल किया जाता है।