भारतीय मूल के गुप्ता बदर्स को यूएई में जून 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने संबंधों का उपयोग कर अनुबंध हासिल करने, कैबिनेट नियुक्तियों को प्रभावित करने और राज्य के धन को हड़पने का आरोप है।
संयुक्त अरब अमीरात की एक अदालत ने राजनीतिक भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर दक्षिण अफ्रीका के कारोबारी गुप्ता ब्रदर्स को बड़ी राहत दी है। अदालत ने अतुल और राजेश गुप्ता को प्रत्यर्पित करने के दक्षिण अफ्रीका के अनुरोध को खारिज कर दिया है। दक्षिण अफ्रीका के न्याय मंत्री रोनाल्ड लामोला ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
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भारतीय मूल के गुप्ता बदर्स को यूएई में जून 2022 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर 2009 से 2018 तक दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैकब जुमा के साथ अपने संबंधों का उपयोग कर अनुबंध हासिल करने, कैबिनेट नियुक्तियों को प्रभावित करने और राज्य के धन को हड़पनेका आरोप है। हालांकि पूर्व राष्ट्रपति जुमा और गुप्ता परिवार ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है।
लामोला ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका को छह अप्रैल को संयुक्त अरब अमीरात से राजनयिक सूचना मिली कि वहां की एक अदालत ने गुप्ता बंधुओं के प्रत्यर्पण के अनुरोध को खारिज करने का फैसला 13 फरवरी को सुनाया।
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लामोला ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने कहा, ''छह अप्रैल 6 की शाम को हमें यूएई से एक मौखिक नोट उपलब्ध कराया गया जिसमें हमें हैरानी और निराशा के साथ पता चला कि 13 फरवरी 2023 को यूएई की अदालतों में प्रत्यर्पण की सुनवाई पूरी हो गई है और हमारा प्रत्यर्पण अनुरोध खारिज हो गया है।