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दोपहिया वाहन खरीदना हुआ महंगा, एक साथ लेना होगा बीमा

Fri, 12 Apr 2019 05:09 PM IST
paliwal पालीवाल बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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अगर आप नई बाइक या फिर स्कूटर खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो फिर ज्यादा पैसा खर्च करने के लिए तैयार हो जाइये। भारतीय बीमा नियामक प्राधिकरण (इरडा) ने वाहन बीमा कराना महंगा कर दिया है। इरडा ने अब दोपहिया वाहन बीमा के नियमों में तीन बड़े बदलाव कर दिए हैं, जो लागू हो गए हैं। 

पांच साल का लेना होगा थर्ड पार्टी बीमा

अब दोपहिया वाहन मालिकों को गाड़ी खरीदते वक्त पांच साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना होगा। इसमें किसी तरह का ढिलाई नहीं होगी। हालांकि ओन डैमेज बीमा एक साल के लिए ले सकते हैं। इससे वाहन की एक्स शो-रूम कीमत में इजाफा हो जाएगा। इससे करीब 10 से लेकर 50 हजार रुपये तक का खर्चा बढ़ने की उम्मीद है।
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यह बीमा बाइक और स्कूटर की कीमत के अनुसार तय होता है। हालांकि पुरानी गाड़ियों पर इस नियम का असर नहीं पड़ेगा। लेकिन इस नियम से ग्राहकों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ रहा है। 1000सीसी से ज्यादा वाली गाड़ियों पर बीमा कवर लेने के लिए ग्राहकों को 45 हजार रुपये खर्च करने होंगे। 
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15 लाख हुई क्लेम की राशि

इसी के साथ इरडा ने व्यक्तिगत बीमा कवर की क्लेम राशि को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया है। पहले दोपहिया वाहनों के लिए क्लेम राशि एक लाख रुपये और चौपहिया वाहनों पर एक लाख रुपये तय था। इसके लिए ग्राहकों से प्रीमियम के तौर पर 50 या फिर 100 रुपये (कर रहित) लिए जाते थे। अब यह व्यक्तिगत बीमा कवर सभी वाहन स्वामियों को लेना पड़ेगा और 750 रुपये सालाना प्रीमियम भी देना होगा। 

लंबी अवधि का बीमा लेना फायदेमंद

अब इन नए नियमों के लागू होने से लंबी अवधि का बीमा लेना वाहन मालिकों के लिए फायदेमंद होगा। वहीं इसका एक नुकसान यह होगा कि जिस छूट का फायदा कंपनियों की तरफ से गाड़ी खरीदने पर लोगों को मिलता, उसका एक-तिहाई हिस्सा अब बीमा कराने में खर्च हो जाएगा। 

मोटसाइकिल व स्कूटरों की कीमत बढेगी।

ट्रांसफर करें अपना नो क्लेम बोनस

नो क्लेम बोनस आपको तब मिलता है, जब आप पुरानी बीमा पॉलिसी की अवधि के दौरान किसी तरह का क्लेम नहीं लेते हैं। यह क्लेम आपको अपनी पुरानी गाड़ी को बेचने और नई गाड़ी खरीदने पर मिल सकता है। हालांकि इसके लिए आपको नई गाड़ी खरीदते वक्त बीमा पॉलिसी में अपना नाम ही देना होगा। 

सावधानी से चुनिए ऐड ऑन कवर

बीमा कंपनियां गाड़ी का बीमा करते वक्त काफी सारे ऐड ऑन कवर भी बेचने का प्रयास करती हैं। इनमें जीरो डेपरिशिएसन के अलावा इंजन तक के लिए अलग से कवर होता है। यह सारे ऐड ऑन कवर आप सावधानी से चुनिए, क्योंकि फालतू कवर लेने पर आपको ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। 
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न लें छोटे क्लेम

गाड़ी में होने वाली छोटी परेशानियों को सही कराते वक्त कभी भी क्लेम न करें। मान लीजिए आपको गाड़ी की सर्विस और थोड़ी बहुत डेंटिंग-पेंटिंग करानी है और इसके लिए 5 से आठ हजार रुपये का खर्च आ रहा है। इस खर्च को आप अपनी जेब से दें और क्लेम न लें। इससे आपको करीब 50 फीसदी की बचत हो सकती है। 

अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण

अगर आपकी गाड़ी में चोरी या दुघर्टना के वक्त नुकसान कम होने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपकरण लगे हैं तो फिर पांच फीसदी तक का डिस्काउंट प्रीमियम राशि पर मिल सकता है। आप इसके लिए बीमा सेवा देने वाली कंपनी को बोल सकते हैं। हालांकि इस तरह का डिस्काउंट लेने के लिए बिल की कॉपी को देना पड़ेगा। 
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