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अब आपकी मांग पर चलेगी ट्रेन, नहीं होगी कोई वेटिंग लिस्ट: भारतीय रेलवे

Thu, 19 Sep 2019 02:49 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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अगले चार साल में रेलवे में एक बड़ा बदलाव हो सकता है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके यादव ने कहा है कि भारतीय रेलवे अगले चार साल में दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग पर 'मांग के आधार पर' यात्री रेलगाड़ी चला सकेगी, जो प्रतीक्षा सूची के झंझट से मुक्त होगी। समर्पित माल गलियारे (डीएफसी) के 2021 तक बनने के बाद ऐसा हो सकेगा।

हट जाएंगी मालगाड़ियां 

उन्होंने कहा कि इन दो मार्गों पर समर्पित माल गलियारे का निर्माण 2021 तक पूरा होने से मालगाड़ियां मौजूदा रेल लाइनों से हट जाएंगी, जिससे उन पर अधिक यात्री रेलगाड़ियां चलाई जा सकेंगी।

चार साल में पूरा हो जाएगा काम

उन्होंने बताया, 'जब इन दो मार्गों पर डीएफसी का काम पूरा हो जाएगा, तो दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा की मौजूदा लाइनों से मालगाड़ियां पूरी तरह हट जाएंगी। तब हम मांग पर यात्री गाड़ियां चला सकेंगे। इस रूट पर (रेलगाड़ियों की गति) बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटा करने को पहले ही मंजूरी मिल गई है और ये काम अगले चार साल में पूरा हो जाएगा।'

एक साल में पूरा होगा लोकेशन सर्वे का काम

उन्होंने कहा कि उत्तर-दक्षिण (दिल्ली-चेन्नई), पूर्व-पश्चिम (मुंबई-हावड़ा) और खड़गपुर-विजयवाड़ा समर्पित माल गलियारे पर काम चल रहा है और अगले एक साल के भीतर लोकेशन सर्वे का काम पूरा हो जाएगा।

10 साल में पूरा होगा डीएफसी 

उन्होंने बताया, 'ये डीएफसी करीब 6,000 किलोमीटर लंबे होंगे और इन्हें अगले 10 साल में पूरा किया जाएगा। जब ये काम हो जाएगा, हमारे पास बहुत अधिक क्षमता होगी और हम कई रेलगाड़ियां चला सकेंगे।'

निजी संचालकों को भी कर सकेंगे शामिल

यादव ने कहा, 'समय के साथ हमारे पास इतनी अधिक क्षमता होगी कि हम निजी संचालकों को भी शामिल कर सकते हैं और उत्पादन इकाइयों का निगमितीकरण भी किया जा सकता है। ताकि देश में 160 किलोमीटर प्रति किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाले आधुनिक डिब्बे उपलब्ध हो सकें और साथ ही हम उनका निर्यात भी कर सकें।'

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