भारत दुनिया में वैकल्पिक निवास के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। ट्रेवल पोर्टल बुकिंग.कॉम के मुताबिक, सैलानियों के बीच होम-स्टे जैसे विकल्पों का चयन तेजी से बढ़ा है। इस कारण वैकल्पिक निवास के बाजार में भी बढ़ोतरी हुई और भारत दुनियाभर में इसकी अगुवाई कर रहा है।
वैकल्पिक निवास के क्षेत्र में मुख्य रूप से होम-स्टे, होटल, अपार्टमेंट, विला, केबिन, ट्री-हाउस, बोट और बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी सेवाएं आती हैं। भारत में इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी गोवा, कर्नाटक और केरल में हुई है। सीईओ टैन का कहना है कि हमारी विस्तार योजना में इस सेवा को भारत के अन्य शहरों तक पहुंचाना भी शामिल है, जिस पर विशेष तौर से जोर दे रहे हैं। अभी हमारा पहला लक्ष्य आपूर्ति को बेहतर करना है।
कंपनी के सर्वे के मुताबिक, दो तिहाई भारतीय सैलानियों का कहना है कि वे इस तरह के वैकल्पिक निवास में एक बार जरूर रुकना चाहेंगे। उन्हें इस तरह का अनुभव पहले कभी नहीं मिला है। 43 फीसदी भारतीयों का कहना है कि वे अपने घर को ट्रेवल वेबसाइट पर सूचीबद्ध कराना चाहते हैं और सैलानियों को यहां वैकल्पिक निवास देने की सोच रहे हैं। वैश्विक स्तर पर यह आंकड़ा महज 21 फीसदी ही रहा है।
कंपनी की प्रबंधक (भारत, श्रीलंका, मालदीव) रितु मेहरोत्रा का कहना है कि भारतीय बाजार अभी मोबाइल से संचालित हो रहा है। अधिकतर उपभोक्ता बुकिंग के लिए कंप्यूटर या डेस्कटॉप के बजाए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। वैश्विक स्तर पर जहां मोबाइल से बुकिंग करने वालों का आंकड़ा 50 फीसदी है, वहीं भारत में ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या 60 फीसदी से भी ज्यादा है।
रितु के अनुसार, भारतीय पर्यटन क्षेत्र को तेजी प्रदान करने में सोशल मीडिया का अहम योगदान रहा है। खासकर टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किसी पर्यटन स्थल को लेकर की गई पोस्ट सक्रिय सैलानियों को आकर्षित करने का काम करती है। कई मामलों में सैलानी जगह और निवास का चुनाव भी सोशल मीडिया से मिली जानकारी के आधार पर करते हैं।