ठाणे शहर में पुलिस ने करोड़ों रुपये के टोरेस निवेश धोखाधड़ी में पैसा गंवाने वाले निवेशकों से अपील की है कि वे आगे आएं और अपनी शिकायत दर्ज कराएं। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस वर्ष जनवरी में यह घोटाला सामने आया। इसकी जांच ठाणे पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) कर रही है। एजेंसी मुंबई सहित कई शहरों में फैले इस धोखाधड़ी की पड़ताल में जुटी है। अकेले ठाणे में पुलिस ने अब तक घोटाले की रकम 11 करोड़ रुपये होने की आशंका जताई है। अब तक की जांच के अनुसार 1,400 से अधिक ठगे गए निवेशकों की पहचान की गई है।
सहायक पुलिस आयुक्त (ईओडब्ल्यू) दत्ता फाबले ने कहा, "कल्याण शहर के खड़कपाड़ा में एक आभूषण विक्रेता के खिलाफ राबोडी पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। वह टोरेस ब्रांड नाम से काम करता था और ग्राहकों और निवेशकों को धोखा देता था।" उन्होंने बताया कि आरोपी व्यक्तियों ने ग्राहकों को उनसे खरीदारी करने और अपनी योजनाओं में निवेश करने के लिए लुभाया। हालांकि, निवेश के बाद लोगों को कभी आकर्षक रिटर्न नहीं मिला।
जनवरी में ठाणे में एक पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद जांच में तेजी आई, जिसके साथ 4,240 रुपये की ठगी की गई थी। रबोडी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी), 316(5)(2) (आपराधिक विश्वासघात) और 3(5) (सामान्य इरादा) के साथ-साथ महाराष्ट्र जमाकर्ताओं के हितों का संरक्षण (वित्तीय प्रतिष्ठानों में) अधिनियम (एमपीआईडी अधिनियम) के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
एफआईआर में आरोपी के रूप में नामित लोगों में प्लेटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड (टॉरेस ज्वैलरी ब्रांड शुरू करने वाली कंपनी) के सीईओ तौसिफ रियाज, विक्टोरिया कोवलेंको, सर्वेश सुर्वे और अभिजीत गुप्ता शामिल हैं।फाबले ने खुलासा किया कि "अब तक की पुलिस जांच से पता चला है कि इस आउटलेट (कल्याण शहर में) द्वारा कुल 1,431 निवेशकों से 11,12,95,543 रुपये की ठगी की गई है।" अपनी अपील में एसीपी ने कहा, "जिन निवेशकों ने आउटलेट में निवेश किया है और अन्य लोगों की तरह धोखा खाया है, उन्हें आगे आकर ठाणे पुलिस की ईओडब्ल्यू में अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।"
मुंबई में, जहां यह घोटाला लगभग पांच महीने पहले पहली बार प्रकाश में आया था, पुलिस एक अलग जांच कर रही है। धोखाधड़ी का पता चलने के बाद विदेशी नागरिकों सहित कई गिरफ्तारियां भी की गई हैं। आभूषण कंपनी पर पोंजी और मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम) योजनाओं का झांसा देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।