सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल के 18 साल बाद हुए मुनाफे की जबरदस्त चर्चा है। लेकिन इस बीच टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों ने सरकारी कंपनी को चिंता में डाल दिया है। लगातार सस्ते रिचार्ज प्लान, आकर्षक ऑफर्स देने के बावजूद लोग बीएसएनएल का साथ छोड़ रहे हैं। अप्रैल में कंपनी को डेढ़ लाख ग्राहकों का नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसी ही हालत कुछ वोडाफोन-आइडिया की भी नजर आ रही है। उसे लगभग साढ़े 6 लाख ग्राहकों का नुकसान हुआ है। इन सभी में सबसे ज्यादा फायदा जियो का हुआ है। उसके ग्राहकों की संख्या में बड़ा उछाल देखा गया है। जबकि एयरटेल के ग्राहकों में भी बढ़त देखी गई है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़े बताते है कि, अप्रैल में रिलायंस जियो ने लगभग 26.4 लाख नए मोबाइल सब्सक्राइबर हासिल किए हैं। दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने पिछले महीने 1.71 लाख मोबाइल सब्सक्राइबर्स जोड़े हैं। भारती एयरटेल को मार्च में लगभग 12.5 लाख नए सब्सक्राइबर्स मिले थे। पिछले कुछ वर्षों से वित्तीय मुश्किलों का सामना कर रही वोडाफोन आइडिया के लिए चुनौती बढ़ गई है। अप्रैल में कंपनी को लगभग 6.47 लाख मोबाइल सब्सक्राइबर का नुकसान हुआ है। मार्च में इस कंपनी के लगभग 5.4 लाख सब्सक्राइबर्स घटे थे। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि,वीआई और बीएसएनएल छोड़ने वाले लोग बड़ी संख्या में जियो को चुन रहे हैं। नए ग्राहक भी जियो की सर्विस के साथ जॉइन कर रहे हैं।
जबकि अप्रैल में सरकारी टेलीकॉम कंपनी ने लगभग 1.55 लाख मोबाइल सब्सक्राइबर्स गंवाए हैं। हालांकि, मार्च में बीएसएनएल को 49,177 नए सब्सक्राइबर्स मिले थे। इस सरकारी टेलीकॉम कंपनी को 4 जी नेटवर्क का दायरा कम होने और 5जी नेटवर्क मौजूद नहीं होने से नुकसान हो रहा है। इससे कंपनी के रेवेन्यू पर भी बड़ा असर पड़ा है। बीएसएनएल के 4 जी नेटवर्क का जल्द देश भर में लॉन्च किया जा सकता है। इस नेटवर्क के लिए 93,450 टावर्स को इंस्टॉल किया जा चुका है। कंपनी के 4जी नेटवर्क के लिए स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इस नेटवर्क को अपग्रेड कर 5जी में कन्वर्ट किया जाएगा।
18 साल में दूसरी बार मुनाफे में आई बीएसएनएल
भारत सरकार की कंपनी बीएसएनएल को वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में 280 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा (नेट प्रॉफिट) हुआ है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 849 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि 2007 के बाद यानी 18 साल में यह लगातार दूसरी बार है, जब कंपनी को किसी तिमाही में प्रॉफिट हुआ है।
इससे पहले पिछली तिमाही यानी वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्तूबर-दिसंबर) में कंपनी को 262 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बताया कि पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में BSNL का नेट लॉस घटकर ₹2,247 करोड़ रह गया। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 5,370 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था।
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7.8% बढ़कर 20,841 करोड़ रुपए रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू 19,330 करोड़ रुपए रहा था। सिंधिया ने कहा कि वित्त वर्ष 2025 में 24,432 करोड़ रुपए के कैपेक्स बावजूद टोटल रेवेन्यू लगभग 10% बढ़कर 23,400 करोड़ रुपए हो गया, जो किसी भी वित्त वर्ष में सबसे बड़ी राशि है। वित्त वर्ष 2025 के दौरान बीएसएनएल का मोबिलिटी रेवेन्यू 6% बढ़कर 7,499 करोड़ रुपए हो गया। फाइबर-टू-द-होम रेवेन्यू 10% बढ़कर 2,923 करोड़ रुपए रहा। वहीं एंटरप्राइज सेगमेंट टॉपलाइन समेत लीज्ड लाइन 3.5% बढ़कर 4,096 करोड़ रुपए हो गया।