एनपीसीआई ने 29 जुलाई को जारी सर्कुलर में कहा, एक अक्तूबर, 2025 से यूपीआई में पी2पी कलेक्शन की प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। इस सुविधा का उपयोग अन्य यूपीआई एप यूजर्स को पैसे के लिए अनुरोध भेजने के लिए किया जाता है। इससे उन्हें राशि साझा करने की याद दिलाई जाती है। हालांकि, इस सुविधा का उपयोग यूपीआई यूजर्स से धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है।
वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) एप के जरिये पैसा मांगने के अनुरोध की सुविधा बंद करेगा। बैंकों और भुगतान एप से एक अक्तूबर से यूपीआई के जरिये व्यक्तियों के बीच (पी2पी) कलेक्शन यानी भुगतान अनुरोध की सुविधा बंद करने का कहा गया है।
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एनपीसीआई ने 29 जुलाई को जारी सर्कुलर में कहा, एक अक्तूबर, 2025 से यूपीआई में पी2पी कलेक्शन की प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। इस सुविधा का उपयोग अन्य यूपीआई एप यूजर्स को पैसे के लिए अनुरोध भेजने के लिए किया जाता है। इससे उन्हें राशि साझा करने की याद दिलाई जाती है। हालांकि, इस सुविधा का उपयोग यूपीआई यूजर्स से धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा है। वर्तमान में किसी व्यक्ति से एक बार में अधिकतम 2,000 रुपये मंगा सकते हैं। साथ ही, सफल लेनदेन की सीमा प्रतिदिन 50 है। एनटीटी डाटा पेमेंट सर्विसेज इंडिया के मुख्य वित्त अधिकारी राहुल जैन ने कहा, यह बदलाव धोखाधड़ी को काफी कम करेगा। अब सभी पी2पी लेनदेन भुगतानकर्ता की ओर से शुरू किए जाएंगे, जिसके लिए यूजर्स को एक क्यूआर कोड स्कैन करना होगा।
3000 के वार्षिक फास्टैग की सुविधा आज से लागू
निजी कारों, जीप और वैन के लिए 3,000 रुपये में वार्षिक फास्टैग पास सुविधा शुक्रवार से लागू हो जाएगी। यह पास एक साल में 200 बार टोल प्लाजा पार करने की सुविधा देगा।
सड़क परिवहन मंत्रालय ने राजमार्ग यात्रा एप पर पास एक्टिवेशन लिंक उपलब्ध करा दिया है। एनएचएआई और सड़क परिवहन मंत्रालय की वेबसाइट पर पास एक्टिवेशन लिंक जल्द उपलब्ध हो जाएगा। टोल पास की सुविधा केवल गैर-वाणिज्यिक निजी वाहनों के लिए है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे बंद टोलिंग मार्गों पर एक ट्रिप में प्रवेश व निकास दोनों शामिल होंगे, जबकि दिल्ली-चंडीगढ़ जैसे खुले टोलिंग मार्गों पर हर टोल प्लाजा अलग ट्रिप गिना जाएगा।
200 ट्रिप पूरे होने पर पास फिर से रिचार्ज किया जा सकेगा। पहले से फास्टैग वाले ग्राहकों को नया टैग खरीदने की जरूरत नहीं होगी। पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग व एक्सप्रेसवे पर ही मान्य होगा। फास्टैग में आरएफआईडी तकनीक से टोल शुल्क स्वतः काटता है। गौरतलब है कि एक दिसंबर, 2024 तक 10.1 करोड़ फास्टैग जारी किए जा चुके हैं।