मान लीजिए, आपकी मासिक कमाई 90,000 रुपये है। इसे 50-30-20 नियम के मुताबिक तीन हिस्सों में बांट लें। 50 फीसदी हिस्से यानी 45,000 रुपये को घर के जरूरी खर्चों के लिए अलग रख दें। जरूरी खर्चों में होम लोन की मासिक किस्त, बच्चों की स्कूल फी, किराना, स्वास्थ्य बीमा आदि शामिल हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।
भविष्य के वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए हर व्यक्ति को अपनी कमाई के अनुसार बजट बनाना चाहिए। इससे पता चलता है कि आप कमाई का कितना हिस्सा खर्च करते हैं और कितनी राशि बचाते हैं। इसके लिए खर्च और बचत के नियम 50-30-20 को समझना आवश्यक है। यह आपकी कमाई, खर्च और बचत के बीच संतुलन बनाने में मददगार साबित होगा।
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सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने अपनी पुस्तक ऑल योर वर्थ : द अल्टीमेट लाइफटाइम मनी प्लान में 50-30-20 नियम का जिक्र करते हुए बचत के तरीके बताए हैं।
कर भुगतान के बाद तीन हिस्सों में बांटे खर्च
नियम के मुताबिक, कर भुगतान के बाद बची कमाई से होने वाले खर्चों को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं।
हर व्यक्ति को अपनी कमाई का 50 फीसदी हिस्सा राशन, किराये जैसे जरूरी चीजों पर खर्च करना चाहिए।
इन बातों का भी रखें ध्यान
निवेश करते समय विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही योजनाओं का चुनाव करें। महामारी जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा आदि जरूर कराएं। अपने बाद परिवार की सुरक्षा करने के लिए टर्म बीमा लें। अच्छा पेंशन प्लान लें, जो बुढ़ापे में आपकी वित्तीय चिंता को दूर करे।
ऐसे समझें बचत का गणित
मान लीजिए, आपकी मासिक कमाई 90,000 रुपये है। इसे 50-30-20 नियम के मुताबिक तीन हिस्सों में बांट लें। 50 फीसदी हिस्से यानी 45,000 रुपये को घर के जरूरी खर्चों के लिए अलग रख दें। जरूरी खर्चों में होम लोन की मासिक किस्त, बच्चों की स्कूल फी, किराना, स्वास्थ्य बीमा आदि शामिल हैं, जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती है।
अधिकतम 30 फीसदी यानी 27,000 रुपये का इस्तेमाल इच्छा पूर्ति या लग्जरी के लिए करें। इनमें बढ़िया रेस्तरां में भोजन करना और नए गैजेट खरीदना भी शामिल है।
अब अपनी कमाई के 20 फीसदी हिस्से यानी 18,000 रुपये की मासिक बचत व्यक्ति को हर हाल में करनी चाहिए।
50-30-20 के नियम को बेहतर वित्तीय सेहत के लिए व्यापक गाइडलाइन मान सकते हैं। एक ओर जहां यह नियम सरल है, वहीं, काफी चुनौतीपूर्ण भी है। यह नियम बताता है कि हर व्यक्ति को अपनी कमाई का कुछ हिस्सा बचाना चाहिए और फिर खर्च करना चाहिए। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभदायक है, जो वित्तीय लक्ष्यों को पाने के लिए बचत करने की आदत डालना चाहते हैं। -बलवंत जैन, निवेश एवं टैक्स सलाहकार