पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के अलग-अलग मामलों में ईडी की कार्रवाई लगातार जारी है। प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को शिक्षक भर्ती घोटाले से जुड़े एक मामले में ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को तलब किया। वे पूछताछ के लिए ईडी के कोलकाता स्थित दफ्तर पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे नौ घंटे तक सवाल पूछे।
ED की पूछताछ के बाद तृणमूल कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मैंने बार-बार कहा है कि वे अपना और मेरा दोनों का वक्त बर्बाद कर रहे हैं। एजेंसी के अधिकारियों की भी गलती नहीं है। वे अपनी ड्यूटी कर रहे हैं। 9-10 घंटे की पूछताछ के बाद भी शून्य निष्कर्ष निकला होगा, पहले जितनी बार भी पूछताछ के लिए बुलाया गया उसका भी यही निष्कर्ष रहा है। जो राजनीतिक रूप से नहीं लड़ पाते वे इस तरह से एजेंसी का दुरुपयोग करते हैं। जितनी बार हमें परेशान किया जाएगा जनता तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देगी।
उन्होंने कहा कि INDIA गठबंधन की समन्वय समिति की बैठक आज होने वाली थी इसलिए मुझे ED द्वारा आज समन किया गया। मैं समिति का सदस्य हूं, आज सुबह 11:30 मुझे बुलाया गया, इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा यह सब देख कर मुझे रोकने का प्रयास ED के माध्यम से कर रही है। मैं इसका फैसला जनता के ऊपर छोड़ता हूं।
उन्होंने कहा कि मैं सबका धन्यवाद करता हूं और मैं खुश हूं कि आज वह बैठक (INDIA गठबंधन के समन्वय समिति की बैठक) हुई। आने वाले दिन में यह लड़ाई जारी रहे इसकी आशा है। जो समिति बनी है उसमें से नोटिस सिर्फ तृणमूल पार्टी से मुझे आया, इससे पता चलता है कि उस गठबंधन को सकार करने में तृणमूल कांग्रेस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मुझे आज जान बूझकर समन किया गया। मैं ED के सामने पेश हुआ और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में कथित रोजगार घोटाले के सिलसिले में ईडी ने बनर्जी को पेशी के लिए समन जारी किया हुआ है।जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह 11:12 बजे अभिषेक घर से ईडी दफ्तर के लिए रवाना हुए। वह 11:34 बजे सीजीओ कॉम्प्लेक्स पहुंचे। अभी तक उनसे पूछताछ शुरू नहीं हुआ है। इससे पहले अभिषेक ने कोर्ट से सुरक्षा मांगी थी ताकि उनके खिलाफ भर्ती मामले का निपटारा होने तक ईडी उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई न कर सके। मंगलवार को न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की बेंच में मामले की सुनवाई हुई।
इससे पहले टीएमसी सांसद ने कोलकाता हाईकोर्ट में एक पूरक हलफनामा दायर किया, जिसमें दावा किया गया कि जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पहले के समन को चुनौती देने वाला उनका पुनरीक्षण आवेदन लंबित है तो एजेंसी का नया समन कानूनी रूप से वैध नहीं है। हलफनामे में कहा गया है कि टीएमसी सांसद ने न केवल पूरी जांच को चुनौती दी है, बल्कि उच्च न्यायालय के समक्ष दायर एक पुनरीक्षण आवेदन में एजेंसी द्वारा उन्हें जारी किए गए पिछले समन को भी चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने कहा कि ईडी ने इस संबंध में पहले ही मौखिक वादा किया था और उन्होंने अब तक वह वादा निभाया है। इसलिए अभिषेक को किसी नई सुरक्षा की जरूरत नहीं है। सुनवाई के दौरान ईडी के वकील ने भी आश्वासन दिया कि 'गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूछताछ के लिए बुलाया गया है।