लोग मानते हैं कि अमीर होने का मतलब है एक अच्छा घर, एक महंगी कार और अलग-अलग तरह की संपत्ति का मालिक होना। पर यह धारणा गलत है। सच्चाई यह है कि दुनिया के सबसे धनी एक प्रतिशत के पास आप जितनी कल्पना कर सकते हैं उससे कहीं अधिक की संपत्ति है।
ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक ने अपनी अपडेटेड वेल्थ रिपोर्ट जारी की है, इसमें खुलासा किया गया है कि विभिन्न देशों में सबसे अमीर एक प्रतिशत लोगों की लिस्ट में शामिल होने के लिए किसी व्यक्ति की जेब कितनी गरम होनी चाहिए।
नाइट फ्रैंक की लिस्ट में मोनाको सबसे ऊपर है, जहां एक व्यक्ति को टॉप 1% अमीरों की सूची में शामिल होने के लिए आठ अंकों की आमदनी की आवश्यकता होती है। नाइट फ्रैंक के शोध के अनुसार, मोनाको के सबसे अमीर 1% लोगों में शामिल होने के लिए किसी व्यक्ति की आमदनी 1.24 करोड़ डॉलर होनी चाहिए।
कंपनी की वेल्थ रिपोर्ट में भारत का भी नाम शामिल है। भारत 25 देशों की सूची में 22वें स्थान पर शामिल है। जहां अमीरों की लिस्ट में शामिल होने के लिए एंट्री लेवल 1 लाख 75 हजार डॉलर (1.44 करोड़ रुपये) है। भारत से बेहतर इस लिस्ट में दक्षिण अफ्रिका, फिलीपींस और केन्या की स्थिति है।
नाइट फ्रैंक की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, इक्विटी बाजारों और डिजिटल क्रांति के कारण भारत में अल्ट्रा हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (UHNI) की संख्या में 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एशियाई देशों में सिंगापुर में अमीरों के शीर्ष एक प्रतिशत में शामिल होने के लिए 35 लाख डॉलर की सीमा सबसे अधिक है, हांगकांग में यह सीमा 34 लाख डॉलर है।
फोर्ब्स के अनुसार, अरबपतियों की 2023 की लिस्ट में 169 भारतीयों के नाम शामिल हैं, जो पिछले साल 166 थे। पिछले एक साल में अपनी संपत्ति में आठ प्रतिशत की गिरावट के बावजूद, मुकेश अंबानी ने भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति रूप में अपना स्थान बरकरार रखा है।
नाइट फ्रैंक अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कैसे महामारी और महंगाई अमीर और गरीब देशों के बीच की खाई और बढ़ा रही है। मोनाको के सबसे अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल होने के लिए जो प्रवेश बिंदु हैं वह फिलीपींस में अमीरों के एक प्रतिशत में शामिल होने के प्रवेश बिंदु 57,000 डॉलर से 200 गुना अधिक है। फिलिपिंस लिस्ट में सबसे निचले पायदान पर है।