इस बार पेश हुए आर्थिक सर्वे में भारत को 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है। देश की अर्थव्यवस्था फिलहाल दो ट्रिलियन डॉलर को पार कर चुकी है। इस हिसाब से विश्व के टॉप 10 देशों में शामिल है जिनकी जीडीपी एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है।
एक लाख करोड़ डॉलर बराबर इतने रुपये
आज की तारीख में एक ट्रिलियन डॉलर को सीधे शब्दों में कहा जाए तो फिर यह एक लाख करोड़ डॉलर होते हैं। इसको रुपये में अगर बदले तो फिर इसकी कीमत 685 अरब रुपये होती है। भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल 2.62 ट्रिलियन डॉलर की है। भारतीय रुपये में यह फिलहाल 179.6 खरब रुपये है। टॉप 10 में भारत के पीछे फ्रांस, ब्राजील, इटली और कनाडा जैसे देश हैं हैं
हम से आगे हैं यह पांच देश
फिलहाल हमसे आगे यह पांच देश हैं
| देश का नाम |
अर्थव्यवस्था (डॉलर में) |
| अमेरिका |
19.39 ट्रिलियन |
| चीन |
12.01 ट्रिलियन |
| जापान |
04.87 ट्रिलियन |
| जर्मनी |
03.68 ट्रिलियन |
| यूके |
02.62 ट्रिलियन |
लक्ष्य पाने के लिए हर साल आठ फीसदी ग्रोथ जरूरी
मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमनियन द्वारा तैयार आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि कॉन्ट्रैक्ट लागू करने और विवादों के निपटारे में पिछड़ना पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य पाने में एक बड़ी चुनौती है। 2025 तक पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिए हर साल आठ फीसदी ग्रोथ की जरूरत है।
इसमें खपत और निवेश की अहम भूमिका होगी। मांग, नौकरी, निर्यात और उत्पादकता में एक साथ ग्रोथ के लिए भी निवेश अहम है। निवेश बढ़ेगा तो बेरोजगारी घटेगी।