कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि आरबीआई की क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा की पूर्व संध्या पर निवेशकों ने बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और रियल्टी सेक्टर के शेयरों बिकवाली की क्योंकि पूरे कारोबारी सेशन में बाजार में मंदी आशंका हावी रही। उनके अनुसार बीते सत्रों में हमने देखा है कि निवेशक किसी महत्वपूर्ण घटना से पहले सतर्क हो जाते हैं और किसी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए कुछ मुनाफावसूली करते हैं। ऐसे में अगर आरबीआई की ओर से की गई दर वृद्धि बाजार की अपेक्षाओं से अधिक होती है, तो निवेशक पैनिक बटन दबा सकते हैं, जिससे बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
मंगलवार के दिन भारतीय मुद्रा बाजार में भी भारी गतिविधि देखी गई क्योंकि रुपये ने 82 का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा होने से विदेशी निवेशकों की स्थानीय इक्विटी में अपनी स्थिति की कटौती की चिंता बढ़ गई। वर्तमान में, बाजार 10-दिवसीय एसएमए (सिंपल मूविंग एवरेज) के पास कारोबार कर रहा है, जो निकट भविष्य में ट्रेंड रिवर्सल की प्रबल संभावना का संकेत देता है। कारोबारियों के लिए 18700 के लेवील पर नजर रखना प्रमुख स्तर होगा, क्योंकि इससे ऊपर हम 18800-18850 तक एक नई तेजी देख सकते हैं। दूसरी तरफ बिकवाली का दबाव 18600 का स्तर टूटने के बाद ही संभव है और इससे नीचे सूचकांक 18500-18480 तक फिसल सकता है।