दिसंबर का महीना शुरू हो चुका है। अगले तीन महीनों तक ठंड का मौसम पूरे उत्तर भारत में बरकरार रहेगा। ठंड से बचने के लिए ज्यादातर लोग चाय की चुस्कियों के साथ अपने सुबह की शुरुआत करते हैं। चाय की खपत भी इन दिनों सबसे ज्यादा होती है।
लेकिन इस बार चाय पीने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अब चाय की कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। इसके पीछे उत्पादन में गिरावट आना प्रमुख कारण है।
इसलिए चाय हो जाएगी महंगी
टी बोर्ड से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सितंबर में उत्तर भारत में चाय का उत्पादन गिरकर 4.2 करोड़ किलोग्राम रहा। चाय उत्पादक राज्यों जैसे कि असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में प्रतिकूल मौसम की वजह से 30 फीसदी उत्पादन में गिरावट देखने को मिली है।
पूरे देश में चाय के कुल उत्पादन का 50 फीसदी अकेले असम में होता है। यहां पिछले साल 126.74 करोड़ किलोग्राम चाय का उत्पादन हुआ था। अकेले सितंबर में यह करीब 3.1 करोड़ रुपये कम रहा।
20 रुपये बढ़ी कीमतें
अभी से चाय की कीमतों में 20 रुपये प्रति किलो का उछाल आ गया है। कोलकाता चाय विक्रेता एसोसिएशन के सचिव कल्याण सुंदरम ने कहा इस वक्त सबसे अच्छी क्वालिटी की असम चाय 245 से 270 रुपये किलो पर बिक रही है, जो कि पिछले साल 230 से 250 के स्तर पर था।
यह खुली चाय का दाम है। ज्यादातर कंपनियां कोलकाता के टी मार्केट से खुली चाय खरीदकर अपनी पैकिंग करती हैं। इससे रिटेल मार्केट में चाय करीब 350 रुपये प्रति किलो के रेट तक बिक सकती है।