वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 31 जुलाई, 2023 तक बिना जुर्माना आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने के बाद आयकर विभाग की ओर से रिफंड जारी किया जा रहा है। कई करदाताओं को रिफंड मिल चुका है, जबकि बहुत से लोगों को अब भी इंतजार है। ध्यान रखने वाली बात यह है कि आपको रिफंड तभी प्राप्त होगा, जब आपने आईटीआर के ई-सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
ई-सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अगर आपको अब तक रिफंड नहीं मिला है तो सबसे पहले अपना मेल चेक करें। मेल नहीं आने पर अपना आईटीआर स्टेटस देखें क्योंकि कई बार रिफंड मिलने में देरी हो जाती है। यह देरी आयकर विभाग की वजह से नहीं होती बल्कि रिटर्न भरने में कुछ गड़बड़ी या दस्तावेजों की कमी के कारण भी हो सकती है। इसलिए, पहले अपने रिफंड का स्टेटस देख लें।
ऐसे देख सकते हैं स्थिति
सबसे पहले आयकर विभाग की वेबसाइट http://www.incometax.gov.in पर जाएं।
-यूजर आईडी (पैन नंबर), पासवर्ड और कैप्चा कोड डालकर लॉग इन करें।
-व्यू रिटर्न्स/फॉर्म्स पर क्लिक करें।
-इसके बाद ड्रॉप डाउन मेन्यू में इनकम टैक्स रिटर्न्स का चयन करें।
-अब आकलन वर्ष (2023-24) भरने के बाद सब्मिट पर क्लिक करें।
-अब संबंधित आईटीआर एक्नॉलेजमेंट नंबर पर क्लिक करने के बाद रिफंड स्टेटस देख सकते हैं।
इन गलतियों के कारण हो सकती है देरी
आयकरदाता को रिफंड मिलने में देरी की कई वजहें हो सकती हैं। बैंक खाता नंबर या आईएफएससी कोड जैसी अहम जानकारियों के गलत होने पर भी रिफंड मिलने में देरी हो सकती है। इसके अलावा, बैंक खाता का प्री-वैलिडेट नहीं होना, आईटीआर सत्यापन न होना और रिटर्न भरने के बाद आयकर विभाग की ओर से मांगी गई जानकारियों का जवाब नहीं देना भी रिफंड मिलने में देरी के कारण हो सकते हैं। -जनार्दन केसरी, वित्तीय सलाहकार
सावधान...ऐसे संदेश से जरूर बचें
सरकार ने इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर चल रही नई धोखाधड़ी से आयकरदाताओं को बचने की सलाह दी है। दरअसल, साइबर ठगों की ओर से एक संदेश भेजा जा रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक निश्चित राशि का आयकर रिफंड मंजूर हो गया है। अब आपको अपने बैंक खाते को सत्यापित या अपडेट करने की जरूरत है। दरअसल, यह एक फर्जी संदेश है। कृपया ऐसे किसी भी संदेश का जवाब न दें।