आयकर नियमों के नियम 11 यूए में बदलाव के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) में प्रावधान है कि गैर-सूचीबद्ध स्टार्टअप द्वारा जारी अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय तरजीही शेयरों (सीसीपीएस) और इक्विटी शेयरों का मूल्यांकन उचित बाजार मूल्य पर आधारित हो सकता है।
आयकर विभाग ने स्टार्टअप कंपनियों की तरफ से निवेशकों को जारी किए जाने वाले शेयरों के मूल्यांकन से संबंधित नए एंजल टैक्स नियमों को अधिसूचित किया है। आयकर नियमों के नियम 11 यूए में बदलाव के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) में प्रावधान है कि गैर-सूचीबद्ध स्टार्टअप द्वारा जारी अनिवार्य रूप से परिवर्तनीय तरजीही शेयरों (सीसीपीएस) और इक्विटी शेयरों का मूल्यांकन उचित बाजार मूल्य पर आधारित हो सकता है।
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डेलॉयट इंडिया के सुमित सिंघानिया के अनुसार एक निवेशक के नजरिये से संशोधित नियम शेयरों के मूल्यांकन के तरीके का व्यापक दायरा मुहैया कराते हैं और इससे अनुपालन कम जटिल होने की उम्मीद है। सिंघानिया ने कहा कि इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर शेयरों के मूल्यांकन में उचित मूल्य से 10 प्रतिशत गिरावट की मंजूरी देकर एक सुरक्षित स्थिति बनाई गई है।
क्या है एंजल टैक्स
एक स्टार्टअप कंपनी के शेयरों की बिक्री से उचित बाजार मूल्य से मिलने वाली पूंजी पर वसूले जाने वाले टैक्स को एंजल टैक्स कहा जाता है। पहले एंजल टैक्स सिर्फ स्थानीय निवेशकों पर ही लगता था लेकिन चालू वित्त वर्ष के बजट में इसका दायरा बढ़ाकर इसे विदेशी निवेशकों पर भी लगाने का प्रावधान किया गया था।