Super App: टाटा समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने 128 बिलियन डॉलर के समूह की इस परियोजना को भविष्य में समूह की योजनाओं का अहम हिस्सा बताया था। सुपर एप का कमतर प्रदर्शन अमेजन और वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने में इसकी राह का रोड़ा बन सकता है।
टाटा ग्रुप का महत्वाकांक्षी सुपर एप अपनी लॉन्चिंग के पहले साल में अपनी बिक्री लक्ष्य का महज आधा ही हासिल कर सकेगा। मामले के जानकारों का मानना है कि अगर ऐसा होता है तो दिग्गज औद्योगिक घराने को डिजिटल कारोबार में अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। टाटा डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म Tata Neu की शुरुआत अप्रैल महीने में की गई थी। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक यानी 31 मार्च 2023 तक इसकी कुल बिक्री चार अरब डॉलर ही रह सकती है। 2022 की शुरुआत में कंपनी ने बिक्री का लक्ष्य 8 बिलियन डॉलर रखा गया था। इस मामले की जानकारी रखने वाले शख्स ने अपना नाम सार्वजनिक ना करने की शर्त पर यह जानकारी दी है। उनके अनुसार कंपनी के सीईओ प्रतीक पाल मुनाफा बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
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बता दें कि टाटा समूह के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने 128 बिलियन डॉलर के समूह की इस परियोजना को भविष्य में समूह की योजनाओं का अहम हिस्सा बताया था। सुपर एप का कमतर प्रदर्शन अमेजन और वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर देने में इसकी राह का रोड़ा बन सकता है। टाटा न्यू जिसे 2020 के मध्य से विकसित करने का काम चल रहा था देश का पहला सुपर ऐप है। यह चीन के अलीपे और वीचैट की तर्ज अवधारणा से प्रेरित है, लेकिन इसकी लॉन्चिंग के ठीक बाद इसे तकनीकी गड़बड़ियों और ग्राहकों की ओर से शिकायतों का सामना करना पड़ा था।