केंद्र ने बुधवार को राज्य सरकारों को उन व्यापारियों, मिलमालिकों, आयातकों और स्टॉकिस्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने अपने अरहर (तूर) दाल के स्टॉक के बारे में पूर्ण खुलासा नहीं किया है। प्रमुख दाल उत्पादक और उपभोक्ता राज्यों के पास तुअर और उड़द के स्टॉक का खुलासा करने की स्थिति पर एक समीक्षा बैठक में उपभोक्ता मामलों के सचिव रोहित कुमार सिंह ने कहा कि कुछ राज्यों में इसके उत्पादन और खपत की तुलना में अरहर दाल के स्टॉक की कम मात्रा का खुलासा किया गया है।
उन्होंने एक बयान में कहा कि स्टॉक डिस्क्लोजर पोर्टल में पंजीकृत इकाइयों की संख्या बढ़ी है, लेकिन यह देखा गया है कि कुछ राज्यों में हितधारकों की वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है। बयान में कहा गया है, 'राज्यों को निर्देश दिया गया है कि वे विभिन्न इकाइयों के स्टॉक का सत्यापन करें और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और कालाबाजारी रोकथाम व आवश्यक वस्तु आपूर्ति अधिनियम, 1980 की प्रासंगिक धाराओं के तहत अघोषित स्टॉक पर सख्त कार्रवाई करें।'
पीएसीएस को थोक पेट्रोल पंपों को खुदरा दुकानों में बदलने की इजाजत देगी सरकार
देश में सहकारिता को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने कहा है कि प्राथमिक कृषि साख समितियों (पीएसीएस) को अपने थोक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों को खुदरा दुकानों में बदलने का विकल्प दिया जाएगा। ये फैसला सहकारिता मंत्री अमित शाह और पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ हुई एक बैठक में लिया गया।
सरकार ने यह भी कहा है कि थोक पेट्रोल और डीजल डीलरशिप लाइसेंस वाली पीएसीएस को यह विकल्प एक बार ही दिया जाएगा। इसके साथ ही देश में सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए पीएसीएस को नये पेट्रोल/डीजल डीलरशिप के आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। इन समितियों को एलपीजी डीलरशिप भी मिल सकेगी।