बेरोजगारी की कम दर भी समस्या
- एवरी ने कहा, बेरोजगारी की कम दर भी समस्या है क्योंकि इसका असर दिखने में वक्त लगता है। यह जब तक कम रहेगी, केंद्रीय बैंकों को लगेगा कि उनके पास ब्याज दरें बढ़ाने की गुंजाइश बची हुई है।
- 70% अर्थशास्त्रियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बेरोजगारी दर में तेज बढ़ोतरी का अनुमान काफी कम है।
पिछले 18 माह में हम महंगाई का सही अनुमान लगाने में विफल रहे। इसलिए यह पूछना स्वाभाविक है कि अगर महंगाई लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है तो क्या होता है। जवाब है... यह लंबे समय पर ऊंची बनी रहती है। -डायचे बैंक के विश्लेषक
2.3 फीसदी रह सकती है वैश्विक विकास दर
47 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को कवर करने वाले अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, 2023 में वैश्विक विकास दर 2.3% रह सकती है। यह पहले के 2.9 फीसदी के अनुमान से कम है। हालांकि, इसके बाद 2024 में वृद्धि दर बढ़कर 3.0 फीसदी तक पहुंच सकती है। वहीं, 70 फीसदी से अधिक अर्थशास्त्रियों ने दावा किया कि वे जिन अर्थव्यवस्थाओं को कवर करते हैं, उनमें अगले छह महीनों में हालत अधिक खराब हो जाएगी।
भारत को लेकर अनुमान
- 6.9% रह सकती है विकास दर 2022-23 में
- 6.1% की रफ्तार से बढ़ेगी जीडीपी 2023-24 में
- चीन की विकास दर 2022 में 3.2 फीसदी रह सकती है
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व नवंबर में चौथी बार ब्याज दरें बढ़ा सकता है।