व्यवसाय करने में सुगमता और अनुपालन को बढ़ावा देने के लिए बाजार नियामक सेबी ने शुक्रवार को स्टॉक ब्रोकर्स के लिए दंड ढांचे को सरल बनाया।
नए ढांचे का उद्देश्य एक्सचेंजों में एक जैसी टिप्पणियों पर लगने वाले दंडों में असंगति को दूर करना, और एक ही उल्लंघन पर कई एक्सचेंजों द्वारा दोहराए गए दंड से बचना है। अब केवल लीड एक्सचेंज ही समान उल्लंघनों पर दंड लगाएगा। सेबी ने कहा कि नए दंड ढांचे के तहत, प्रक्रियागत चूक या तकनीकी त्रुटियों को अब 'फाइनेंशियल डिसइन्सेंटिव' के रूप में वर्गीकृत किया गया है, ताकि ब्रोकर्स की प्रतिष्ठा पर अनावश्यक प्रभाव न पड़े।
सेबी ने माना कि 'पेनल्टी' शब्द अक्सर नकारात्मक छवि से जुड़ा होता है, इसलिए प्रक्रियागत गलतियों के लिए इसका प्रयोग गलत धारणा और प्रतिष्ठा जोखिम पैदा कर सकता है। इन मुद्दों के समाधान के लिए सेबी ने एक्सचेंजों और ब्रोकर संगठनों के प्रतिनिधियों की एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। इस समिति की सिफारिशों और आगे हुई चर्चा के आधार पर यह नया दंड ढांचा तैयार किया गया है।
इसके साथ ही, सेबी ने 'समूहिक प्रतिवेदन मंच नामक एक तकनीक-आधारित साझा रिपोर्टिंग सिस्टम भी शुरू किया है, जिससे अब ब्रोकर्स को एक ही एक्सचेंज पर रिपोर्ट जमा करनी होगी, अलग-अलग एक्सचेंजों पर नहीं। यह प्रणाली 1 अगस्त से लागू की गई है।
पहले चरण में 40 अनुपालन रिपोर्टों की सुविधा शुरू की गई, जबकि दूसरा चरण 15 अक्तूबर से लागू होगा, जि सेबी के अनुसार, यह कदम स्टॉक ब्रोकर्स के लिए अनुपालन को सरल और व्यवसाय करने में सहजता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है। सेबी के अनुसार, यह कदम स्टॉक ब्रोकर्स के लिए अनुपालन को सरल और व्यवसाय करने में सहजता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सुधार है।