स्पाइसजेट विमानन कंपनी ने बताया कि वह अजमेर, जैसलमेर, अहमदाबाद और बंगलूरू समेत विभिन्न शहरों से फरवरी में 24 नई घरेलू उड़ान शुरू करेगी। विमानन कंपनी ने बताया कि यह अजमेर-मुंबई मार्ग और अहमदाबाद-अमृतसर मार्ग पर विमान सेवा शुरू करने वाली एकमात्र विमानन कंपनी है। विमानन कंपनी ने एक विज्ञप्ति में बताया कि नई उड़ानों में जैसलमेर को दिल्ली और अहमदबाद से जोड़ने वाली चार नई मौसमी उड़ानें भी शामिल हैं।
ये है उड़ानों का शेड्यूल
विमानन कंपनी अहमदाबाद-बंगलूरू, कोलकाता-गुवाहाटी और गुवाहाटी-दिल्ली मार्गों पर भी दैनिक उड़ानें शुरू करेगी। विज्ञप्ति में कहा गया है, 'अहमदाबाद-बागडोगरा-अहमदाबाद और चेन्नई-कोलकाता-चेन्नई के बीच सप्ताह में तीन दिन और पटना से बंगलूरू के लिए सप्ताह में पांच दिन और पटना से सूरत के लिए सप्ताह में दो दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी।' कंपनी ने बताया कि इसके अलावा सूरत से चेन्नई के लिए भी सप्ताह में चार दिन उड़ानें संचालित की जाएंगी।
ये मौसमी उड़ानें 12 फरवरी से 13 मार्च तक चलेंगी, अन्य सभी उड़ानें 19 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रभावी रूप से परिचालन शुरू करेंगी। एयरलाइन अपने बोइंग 737 और बॉम्बार्डियर Q400 विमानों के मिश्रण को इन मार्गों पर तैनात करेगी। एयरलाइन ने मुंबई-अजमेर पर 4,143 रुपये और अजमेर-मुंबई रूट पर 4,035 रुपये से शुरू होने वाले एक प्रमोशनल किराए की भी घोषणा की है।
पहले इंडिगो ने बताई थी कंपनी की योजना
इससे पहले जनवरी में विमानन कंपनी इंडिगो ने कहा था कि फरवरी से लेह, दरभंगा, आगरा, कुरनूल, बरेली, दुर्गापुर और राजकोट को जोड़ने वाली नई उड़ानें शुरू करने की कंपनी की योजना है। इंडिगो ने अपने एक बयान में कहा था कि, 'एयरलाइन की योजना फरवरी में लेह और दरभंगा को जोड़ने वाली उड़ान शुरू करने की है। इसके बाद मार्च में कर्नूल और आगरा को, अप्रैल में बरेली और दुर्गापुर को तथा मई में राजकोट को जोड़ने के लिये विमानों का परिचालन शुरू किया जायेगा।' गौरतलब है कि यह किफायती विमान कंपनी अभी भारत के 61 शहरों को आपस में जोड़ने के लिए विमानों का परिचालन कर रही है। नई सेवाएं शुरू होने पर यह संख्या बढ़ कर 68 हो जाएगी।
दूर नहीं हो रही विमानन कंपनियों की मुश्किलें
देशभर में अनलॉक के बाद जहां दूसरे सेक्टर्स तेजी से रिकवरी कर रहे हैं, वहीं विमानन कंपनियों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। दिसंबर में हवाई यात्रियों की संख्या में कोरोना से पहले के स्तर के 57 फीसदी ही पहुंची है। कंपनियां उनसे उतना भी किराया वसूल नहीं कर पा रही हैं, जितना सरकार ने इनके लिए निर्धारित किया है। वहीं, इस दौरान विमान ईंधन एटीएफ की लागत बढ़ गई है।