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स्काईमेट की रिपोर्ट : जून तक मध्यभारत में 5 डिग्री ज्यादा गर्मी, देश में 7% कम बारिश होगी

Wed, 03 Apr 2019 04:23 PM IST
अनिल पांडेय बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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मध्यभारत में इस बार गर्मी ज्यादा पड़ने की आशंका है। दूसरी तरफ मानसून में बारिश भी सामान्य से कम रह सकती है। मौसम का अनुमान जारी करने वाली प्राइवेट एजेंसी स्काईमेट ने कहा है कि जून से सितंबर तक चार माह की बारिश सामान्य से 7% तक कम रह सकती है। गर्मी भी ज्यादा पड़ेगी।

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स्काईमेट के वाइस-प्रेसिडेंट महेश पालावत ने बताया कि अलनीनो की वजह से न सिर्फ मानसून औसत से कम रहेगा, बल्कि मध्य व दक्षिण भारत के हिस्से में सामान्य से अधिक गर्मी पड़ेगी। मध्यप्रदेश, विदर्भ व दक्षिणी राज्यों के कुछ हिस्सों में तापमान अभी से 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक है, जो यहां के सामान्य तापमान से 4 से 5 डिग्री तक ज्यादा है।

मई से जून के पहले हफ्ते तक भी इन क्षेत्रों में 4 से 5 डिग्री तक अधिक गर्मी पड़ेगी। दिल्ली एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी हीटवेव की स्थिति नहीं है, लेकिन यहां भी गर्मी बढ़ेगी। हालांकि उत्तरी और उत्तर पश्चिमी भारत के हिस्सों में प्री-मानसून एक्टिविटी बार-बार होती रहेगी।

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मौसम विभाग भी कह रहा इस बार गर्मी बढ़ेगी 

- फोटो : amar ujala
मौसम विभाग के महानिदेशक केजे रमेश ने कहा कि अप्रैल से जून के बीच मध्य भारत के मौसम संबंधी उपखंडों (मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात) और उत्तर पश्चिम भारत (जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान) के कुछ उपखंडों में औसत तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस से एक डिग्री ज्यादा रहने की आशंका है। औसत तापमान किसी दिन विशेष पर पिछले 50 वर्ष में दर्ज हुए तापमान का औसत होता है।

मानसून के लिए स्काईमेट का यह है पूर्वानुमान 

  • 15% आशंका सूखा पड़ने की (यानी 90% से कम बारिश) 
  • 55%  आशंका सामान्य से कम बारिश होने की (यानी 90 से 95%)
  • इस बार इन चार महीनों में अधिक बारिश (यानी 105-110%) आैर अत्यधिक बारिश (यानी 110%) होने की संभावना शून्य है। 
  • 30% संभावना है सामान्य 
  • बारिश होने की इस बार (यानी 96 से 104% के बीच) 
  • स्काईमेट चार साल में सिर्फ एक बार ही सही
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