सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल का इंटरनेट अब हवा और पानी में भी चलेगा। कंपनी को दूरसंचार मंत्रालय से इसके लिए लाइसेंस मिल गया है। कंपनी अपनी विदेशी पार्टनर इनमारसैट के जरिए लोगों को यह सुविधा उपलब्ध कराएगी।
बीएसएनएल के इंटरनेट का प्रयोग वो सभी एयरलाइंस कर सकेगी, जो भारत में परिचालन करती हैं या फिर भारतीय हवाई सीमा से उड़ते हुए विदेश में जाती हैं। कंपनियां बीएसएनएल के केए बैंड, स्विफ्ट ब्रॉडबैंड और फ्लीट ब्रॉडबैंड सेवा ले सकेंगी। यह सेवा भारतीय समुद्री सीमा में परिचालन कर रहे पानी के जहाजों पर भी लागू होंगे।
इनमारसैट और बीएसएनएल इस साल के अंत तक अपनी सेवाओं को शुरू कर देंगे। इसके लिए कंपनी अपना इंफ्रास्ट्रक्चर लगाने का काम शुरू करने जा रही है।