रुपये में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि उभरते बाजारों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं के मुकाबले घरेलू मुद्रा अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है। हम रुपये में आ रही गिरावट को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहे हैं यानी केंद्रीय बैंक रुपये में तेज उतार-चढ़ाव और अस्थिरता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा। हाल ही में डॉलर के मुकाबले रुपया गिरकर 80 के पार पहुंच गया था। डॉलर के मुकाबले रुपया इस साल 7.5 फीसदी टूट चुका है।
महंगाई : 4% के करीब लाने की चुनौती
वैश्विक अनिश्चितता के बीच दास ने कहा, केंद्रीय बैंक सुनिश्चित करेगा कि अर्थव्यवस्था में ज्यादा उठापटक न हो। आर्थिक वृद्धि पर नाम मात्र असर पड़े और महंगाई 4% के करीब आए। खुदरा महंगाई बड़ी चुनौती है, जो उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी है। अगस्त में मौद्रिक नीति समिति बैठक में 2022-23 में महंगाई के 6.7% पूर्वानुमान की समीक्षा की जाएगी।
डिजिटल कर्ज : जल्द आएगी नीति
डिजिटल कर्ज बांटने वाली फिनटेक कंपनियों को चेतावनी देते हुए दास ने कहा, उन्हें सिर्फ वही कार्य करने चाहिए, जिसके लिए लाइसेंस मिला है। लाइसेंस प्रावधानों का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। डिजिटल मंचों के जरिये कर्ज बांटने को लेकर अगले कुछ सप्ताह में नई नीति लाई जाएगी।
चार सहकारी बैंकों पर आरबीआई का प्रतिबंध
आरबीआई ने 4 सहकारी बैंकों से निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें साईबाबा जनता सहकारी, सूरी फ्रेंड्स यूनियन, यूनाइटेड इंडिया सहकारी बैंक और नेशनल अर्बन सहकारी बैंक हैं। जनता सहकारी बैंक से 20,000 और सूरी फ्रेंड्स से 50,000 रुपये निकालने की सीमा लगी है। नेशनल अर्बन से 10 हजार निकासी सीमा है। इसके अलावा, सूर्योदय स्माल फाइनेंस पर 57.75 लाख का जुर्माना लगा है।