नए साल में कारोबार को लेकर निजी कंपनियां खासी उत्साहित नजर आ रही हैं। इसीलिए 2020 में निजी क्षेत्र सात लाख नई भर्तियां और वेतन में अनुमानित तौर पर लगभग आठ फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। एक सर्वेक्षण में ये बातें सामने आई हैं।
2020 में बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली एनसीआर, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, अहमदाबाद और पुणे के इस मामले में सबसे आगे रहने का अनुमान है, जहां कुल 5,14,900 नौकरियां पैदा होंगी। बाकी रोजगार के मौके टीयर-2 और टीयर-3 शहरों में बनेंगे। राजेश कुमार ने कहा, ‘मेट्रो शहरों की तुलना में टीयर 2 और टीयर 3 शहरों में ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी, जो लागत घटाने के लिए मेट्रो शहरों से दूसरे शहरों की ओर रुख कर रही हैं। वर्ष 2020 में अन्य कौशल की तुलना में तकनीक या तकनीक कौशल की मांग खासी ज्यादा होगी।’
सर्वेक्षण के मुताबिक, वर्ष 2019 में 6.2 लाख नौकरियों के अनुमान की तुलना में लगभग 5.9 लाख नौकरियां पैदा हुई थीं। वर्ष 2020 में खुदरा और ई-कॉमर्स सेक्टर की धाक रहने का अनुमान है, जिनमें 1,12,000 नौकरियां पैदा होने का अनुमान है। इसके बाद आईटी एंड आईटीईएस (1,05,500), एफएमसीजी (87,500), विनिर्माण (68,900), बीएफएसआई (59,700) सेक्टर रहेंगे।
वहीं 2020 में दक्षिण क्षेत्र के नौकरियों के मामले में सबसे आगे रहने का अनुमान है, जिसमें 2,15,400 रोजगार पैदा हो सकते हैं। इसके बाद उत्तरी क्षेत्र (1,95,700), पश्चिमी क्षेत्र (1,65,700) और पूर्वी क्षेत्र (1,25,800) रहेंगे।
सर्वेक्षण के मुताबिक, देश में वेतन और बोनस में इकाई अंक में बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जो कुल 8 फीसदी के आसपास रह सकती है। राजेश कुमार ने कहा, ‘वेतन बढ़ोतरी लगभग 8 फीसदी और बोनस 10 फीसदी रहने का अनुमान है, जिसकी वजह बाजार की वर्तमान धारणा हो सकती है। वेतन बढ़ोतरी और बोनस बीते साल की तुलना में 1 फीसदी अंक ज्यादा रहने का अनुमान है, जिसका सबसे ज्यादा असर प्रबंधन के स्तर पर होगा।’